गुवा में महिलाओं और ठेका मजदूरों को स्वरोजगार व ई-श्रम योजनाओं की जानकारी

पश्चिमी सिंहभूम जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने गुवा में महिलाओं और ठेका मजदूरों को प्रशिक्षण, बैंक ऋण, सरकारी पंजीकरण और ई-श्रम कार्ड से जुड़ी जानकारी दी।

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गुवा में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं और ठेका मजदूर

पश्चिमी सिंहभूम के गुवा में महिलाओं और ठेका मजदूरों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई। मंगलवार देर शाम आयोजित कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने लोगों से संबंधित योजनाओं का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराने की अपील की।

लक्ष्मी सुरेन के गुवा पहुंचने पर झारखंड मजदूर यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार और अन्य सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित महिलाओं तथा ठेका श्रमिकों के सामने रोजगार, प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी सुविधाओं का विवरण रखा।

जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं और मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वरोजगार की कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उनके अनुसार नर्सिंग, किराना दुकान, आरओ वाटर प्लांट और सिलाई-बुनाई समेत अलग-अलग घरेलू उद्योगों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने महिलाओं को अपनी रुचि और पात्रता के अनुरूप योजनाओं में पंजीकरण कराने को कहा।

उन्होंने बताया कि व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने में भी सहायता की जा सकती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को यह समझाया गया कि प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए औपचारिक पंजीकरण आवश्यक है।

ठेका मजदूरों से ई-श्रम कार्ड बनवाने की अपील भी की गई, ताकि वे पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों पर चर्चा करते हुए लक्ष्मी सुरेन ने कहा कि मृत्यु की स्थिति में मुआवजे की प्रक्रिया के लिए पोस्टमार्टम आवश्यक होता है। उन्होंने सड़क जाम के बजाय कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।

बाद में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के यूनियन कार्यालय में बैठक हुई। इसमें महिलाओं और श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उपायों पर जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, पदमा केसरी, पूर्व मुखिया कपिलेश्वर डोंगो और बड़ी संख्या में ठेका मजदूर उपस्थित थे।