मुनीडीह सीबीएम परियोजना का निरीक्षण, गैस उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर हुई समीक्षा

प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने धनबाद की मुनीडीह सीबीएम परियोजना और भूमिगत खदान का निरीक्षण कर उत्पादन, तकनीक तथा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।

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धनबाद के मुनीडीह में सीबीएम परियोजना का निरीक्षण करते प्रधानमंत्री के सलाहकार और अधिकारी

धनबाद के पुटकी स्थित मुनीडीह कोल बेड मीथेन ब्लॉक-1 परियोजना का सोमवार को प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने निरीक्षण किया। दो दिवसीय धनबाद दौरे के दूसरे दिन पहुंचे कपूर ने अधिकारियों से परियोजना में गैस उत्पादन की मौजूदा स्थिति, तकनीकी व्यवस्था और आगे की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, वेस्ट झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक विजय कुमार और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने गैस निकालने से लेकर उसके उपयोग तक की प्रक्रिया समझाई। उत्पादन क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं और अभी इस्तेमाल की जा रही तकनीक पर भी चर्चा हुई।

इसके बाद कपूर ने मुनीडीह की भूमिगत खदान का भी जायजा लिया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह बीसीसीएल के सीएमडी के साथ डोली के जरिये खदान के भीतर पहुंचे। वहां उन्होंने उत्पादन से जुड़े काम, भूमिगत परिस्थितियों और सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली। अधिकारियों ने तकनीकी चुनौतियों तथा लागू सुरक्षा मानकों से उन्हें अवगत कराया।

निरीक्षण के बाद कपूर ने कोल बेड मीथेन को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बताया। उनके मुताबिक, इस गैस का उपयोग औद्योगिक जरूरतों के अलावा सीएनजी और घरेलू गैस के विकल्प के रूप में किए जाने की भी संभावना है। हालांकि परियोजना के विस्तार या उत्पादन वृद्धि के लिए किसी निश्चित लक्ष्य अथवा समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई।

कपूर ने बताया कि पहले इस क्षेत्र से संबंधित कार्य पेट्रोलियम विभाग के अधीन आते थे, लेकिन अब सीबीएम गतिविधियों की जिम्मेदारी कोल इंडिया संभालेगी। इस बदलाव के बाद उत्पादन और गैस के उपयोग का दायरा बढ़ने की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

मुनीडीह में यह समीक्षा कोयला क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों के उपयोग की संभावनाओं से जुड़ी है। परियोजना में कोयले के साथ मिलने वाली मीथेन गैस को उपयोगी ईंधन के रूप में विकसित करने पर काम हो रहा है। दौरे में परियोजना की वर्तमान स्थिति समझने के साथ संभावित व्यावसायिक उपयोग और भविष्य की तैयारी पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।