गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड ने कई किसानों की तैयार मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया है। खरडीहा पंचायत के तेतरडीह गांव में रविवार रात हुई इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने वन विभाग से सुरक्षा और मुआवजे की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, 15 जंगली हाथियों का झुंड रात करीब 11 बजे गांव के खेतों में पहुंचा। हाथियों ने मक्का की फसल खाई और खेतों में घूमते हुए पौधों को रौंद दिया। काफी देर तक झुंड के आसपास बने रहने से गांव के लोगों में भय का माहौल रहा।
हाथियों को आबादी से दूर करने के लिए ग्रामीणों ने आग जलाई और शोर मचाया। इसके बाद झुंड गांव से दूर चला गया। अचानक हाथियों के पहुंचने से किसान और उनके परिवार घबरा गए थे, हालांकि उपलब्ध विवरण में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं दी गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुकेश कुमार तिवारी, ज्वाला तिवारी और बबलू तिवारी के करीब तीन एकड़ खेत में लगी मक्का की फसल नष्ट हुई है। नारायण सिंह की लगभग दो एकड़ और ललित तिवारी की करीब एक एकड़ मक्का की खेती को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
प्रभावित किसानों के अनुसार, कई परिवार अपनी आय के लिए मक्का की खेती पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि कुछ किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी और फसल तैयार होने के समय हुए नुकसान से खेती में लगाई गई पूंजी पर असर पड़ा है। अब उनके सामने घरेलू खर्च चलाने की चिंता भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड की आवाजाही को देखते हुए फसल और जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस प्रबंध करने को कहा है। साथ ही उन्होंने क्षतिग्रस्त खेतों का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग रखी है।