रांची एयरपोर्ट पर एयर कार्गो विस्तार की तैयारी, कृषि और औद्योगिक उत्पादों को मिलेगा तेज बाजार संपर्क

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को बड़े एयर कार्गो गेटवे के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू हुआ है। प्रस्तावित विस्तार से कृषि, दवा, ई-कॉमर्स और औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई तेज हो सकती है।

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रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर एयर कार्गो सेवा विस्तार की तैयारी

रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कार्गो सेवाओं के विस्तार की दिशा में काम शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट को केवल माल की लोडिंग और अनलोडिंग तक सीमित रखने के बजाय झारखंड के लिए बड़े एयर कार्गो गेटवे के रूप में विकसित करना है। इस पहल से राज्य के कृषि उत्पादों, दवाओं और औद्योगिक सामान को देश के प्रमुख बाजारों तक कम समय में पहुंचाने की संभावना बढ़ेगी।

प्रस्तावित विस्तार का प्रमुख लाभ सब्जी, फल, फूल और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों से जुड़े किसानों और कारोबारियों को मिल सकता है। कोल्ड-चेन तथा हवाई ढुलाई की सुविधा विकसित होने पर इन वस्तुओं को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में तेजी से भेजा जा सकेगा। इससे उत्पादकों के सामने स्थानीय मंडियों के अलावा दूर के बाजारों में कीमत तलाशने का विकल्प भी खुलेगा।

रांची एयर कार्गो टर्मिनल ने वर्ष 2024 में संचालन शुरू होने के बाद अब तक 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक माल संभाला है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में यहां 7,992 मीट्रिक टन कार्गो की हैंडलिंग हुई, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले करीब नौ प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कार्गो की मात्रा लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

एयरपोर्ट को प्रभावी कार्गो केंद्र बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग, पैकेजिंग, ग्रेडिंग और वेयरहाउस जैसी सुविधाओं का नेटवर्क महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ टर्मिनल तक तेज सड़क संपर्क भी जरूरी माना गया है। तापमान नियंत्रित भंडारण और शीघ्र हैंडलिंग की व्यवस्था बनने पर दवाओं, वैक्सीन, चिकित्सा उपकरणों और दूसरे संवेदनशील उत्पादों की आवाजाही आसान हो सकती है।

ऑनलाइन कारोबार के विस्तार के बीच छोटे पार्सल और अधिक मूल्य वाले सामान के लिए भी हवाई कार्गो की मांग बढ़ रही है। रांची में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अलग प्रोसेसिंग और डिस्पैच व्यवस्था विकसित होने पर राज्य के छोटे कारोबारी अपने उत्पाद सीधे देश के विभिन्न हिस्सों में भेज सकेंगे। मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और तत्काल जरूरी कलपुर्जों की तेज आपूर्ति से औद्योगिक इकाइयों को भी मदद मिल सकती है।

रांची में पिछले महीने आयोजित एयर कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स सम्मेलन में एयरलाइंस, एयरपोर्ट, कार्गो एजेंट, फ्रेट फॉरवर्डर तथा उद्योग जगत के करीब 70 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। बैठक में क्षेत्रीय संपर्क और रांची को उभरते कार्गो गेटवे के रूप में विकसित करने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। आगे निर्यात की सुविधाएं विकसित होने पर झारखंड के चुनिंदा कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच का रास्ता भी बन सकता है।