रांची के करमटोली में झारखंडी फूड मार्केट की तैयारी, नाइट मार्केट की संभावना भी तलाशेगा निगम

करमटोली तालाब के पास अतिक्रमण मुक्त कराई गई 51 डिसमिल सरकारी भूमि पर झारखंडी व्यंजनों के लिए विशेष वेंडिंग जोन विकसित करने की कार्ययोजना बनेगी।

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रांची के करमटोली में प्रस्तावित झारखंडी फूड मार्केट की भूमि

रांची नगर निगम करमटोली तालाब के पास अतिक्रमण मुक्त कराई गई 51 डिसमिल सरकारी भूमि पर झारखंडी व्यंजनों पर केंद्रित विशेष फूड मार्केट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बाजार में स्थानीय खान-पान को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। भविष्य में इस परिसर को नाइट मार्केट का रूप देने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

वार्ड संख्या 19 में स्थित इस भूमि पर नगर निगम ने बाउंड्री वॉल बनवा दी है। शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अधिकारियों और अभियंताओं के साथ स्थल का निरीक्षण किया। जमीन तथा आसपास के क्षेत्र की उपयोगिता देखने के बाद उन्होंने विशेष वेंडिंग जोन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव को सामान्य वेंडिंग जोन तक सीमित रखने के बजाय झारखंडी फूड मार्केट के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाए। योजना का उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के साथ वेंडरों को व्यवस्थित व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराना है।

प्रस्तावित परिसर के डिजाइन में लोगों की सुविधा और जगह की सुंदरता, दोनों का ध्यान रखने को कहा गया है। कार्ययोजना में सुव्यवस्थित पाथवे, पार्किंग, शेड, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। परिसर में झारखंड की कला और संस्कृति से जुड़ी चित्रकारी कराने का प्रस्ताव भी है।

निगम की योजना के अनुसार, यह स्थान वेंडरों के लिए केवल दुकान लगाने की जगह नहीं होगा। इसे ऐसा व्यवस्थित परिसर बनाने पर विचार किया जा रहा है जहां उन्हें स्थायी और सम्मानजनक कारोबारी स्थान मिल सके। बाजार विकसित होने पर स्थानीय वेंडरों के लिए रोजगार और आय का नियमित माध्यम तैयार होने की उम्मीद जताई गई है।

नाइट मार्केट अभी प्रस्तावित योजना की संभावित अगली कड़ी है। यदि यह विचार कार्यरूप लेता है तो शाम के बाद भी लोग यहां झारखंडी व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार और क्षेत्र की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। फिलहाल अधिकारियों को विस्तृत योजना और उपयुक्त डिजाइन तैयार करने का निर्देश दिया गया है।