रांची के जगन्नाथ नगर, सेक्टर-2 में सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष के दुर्गोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। समिति के अनुसार, यहां मां दुर्गा की पूजा की परंपरा वर्ष 1965 से चली आ रही है। इस बार आयोजन का प्रमुख आकर्षण करीब 40 फीट ऊंचा काल्पनिक पंडाल होगा।
प्रस्तावित पंडाल की चौड़ाई लगभग 90 फीट और लंबाई 120 फीट रखी गई है। इसके निर्माण पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। पूजा समिति ने पूरे दुर्गोत्सव के लिए लगभग 12 लाख रुपये का बजट तय किया है।
पंडाल के साथ मां दुर्गा की 12 से 13 फीट ऊंची प्रतिमा भी तैयार की जा रही है। प्रतिमा निर्माण की जिम्मेदारी मूर्तिकार जगदीश पाल संभाल रहे हैं। समिति के मुताबिक, पूजा-अर्चना के लिए कोलकाता से बंगाली पुरोहित बुलाए जाएंगे और अनुष्ठान बांग्ला पद्धति से संपन्न होंगे।
समिति ने बताया कि 16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पट खोला जाएगा। महाअष्टमी पर महाभोग वितरण की योजना है। इसी दिन सुबह चित्रकला प्रतियोगिता और शाम को शंख प्रतियोगिता आयोजित करने की तैयारी भी की गई है।
नवमी के दिन दरिद्र नारायण भोग रखा जाएगा। दुर्गोत्सव के दौरान हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है, ताकि पूजा परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी नियमित रूप से चलती रहें। प्रतिमा विसर्जन 21 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
आयोजन की व्यवस्था संभालने में समिति के पदाधिकारी और सदस्य जुटे हैं। अध्यक्ष स्वराज मुखर्जी, सचिव रथिन दास, कोषाध्यक्ष उत्तम घोष और मीडिया प्रभारी मानस बनर्जी सहित समिति के अन्य सदस्य पंडाल, प्रतिमा, पूजा और निर्धारित कार्यक्रमों की तैयारियों में लगे हुए हैं।