रांची नगर निगम ने राजधानी के फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान देने के लिए सभी 53 वार्डों में वेंडिंग जोन या वेंडर मार्केट विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। योजना का उद्देश्य दुकानदारों को रोजगार के लिए निर्धारित जगह उपलब्ध कराना और सड़कों पर दुकानें लगने से पैदा होने वाली यातायात संबंधी परेशानियों को कम करना है।
इस सिलसिले में निगम के उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार ने शहर अंचल, बड़गाईं, कांके, हेहल, नामकुम और अरगोड़ा के अंचल अधिकारियों को पत्र लिखा है। उनसे संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी जमीन की पहचान कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट नगर निगम को देने के लिए कहा गया है।
नगर निगम की योजना हर वार्ड में व्यवस्थित वेंडिंग जोन अथवा वेंडर मार्केट तैयार करने की है। जमीन का विवरण मिलने के बाद निगम आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत फुटपाथ दुकानदारों को चिह्नित स्थानों पर बसाया जाना है, जिससे कारोबार के लिए उन्हें तय जगह मिल सके।
शहर के कुछ वार्डों में वेंडिंग जोन के लिए जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है और निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है। हालांकि, कई वार्ड ऐसे हैं जहां उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक निर्माण नहीं हो सका। इन्हीं क्षेत्रों के लिए सरकारी भूमि की जानकारी जुटाई जा रही है।
यह पहल सितंबर में हुई एक बैठक के बाद आगे बढ़ी है। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को रांची के सभी 53 वार्डों में फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया था। चिह्नित स्थानों पर वेंडिंग जोन और वेंडर मार्केट विकसित करने की बात भी कही गई थी।
फिलहाल निगम ने जमीन की उपलब्धता पर रिपोर्ट मांगी है; दुकानों को स्थानांतरित करने की कोई समयसीमा सामने नहीं आई है। अंचलों से विवरण मिलने और उपयुक्त भूखंड चिह्नित होने के बाद ही अलग-अलग वार्डों में योजना के अगले चरण और निर्माण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।