रांची में एम्स की तर्ज पर आयुष अस्पताल स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रविवार को वन भवन के पलाश सभागार में आयोजित प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन में बताया कि प्रस्तावित परियोजना की लागत 900 करोड़ रुपये रखी गई है। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर तैयार कर आयुष मंत्रालय, दिल्ली को भेज दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रस्तावित अस्पताल से जुड़ी जानकारी साझा की। उपलब्ध विवरण में परियोजना को मंत्रालय की स्वीकृति मिलने या निर्माण शुरू होने की समयसीमा का उल्लेख नहीं है। फिलहाल योजना डीपीआर भेजे जाने के चरण में है।
सम्मेलन में आयुष चिकित्सकों से संबंधित विषय भी उठाए गए। मंत्री ने कहा कि चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके एक प्रतिनिधिमंडल को जल्द वार्ता के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिनिधिमंडल के साथ समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन के महामंत्री डॉ. उमेश्वर शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री को आयुष चिकित्सकों की सात सूत्री मांगों से संबंधित पत्र सौंपा। सम्मेलन में आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े अलग-अलग विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इससे आयुष सेवाओं के विस्तार के साथ चिकित्सकों के पेशेवर मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।
सम्मेलन को सुदामा प्रसाद, जेवियर सामाजिक संस्थान के प्रोफेसर डॉ. अनंत कुमार, आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय बिहार के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार द्विवेदी और डॉ. गौरव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। स्वास्थ्य मंत्री और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में एक स्मारिका का विमोचन भी किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जगन्नाथ त्रिपाठी ने किया।