रांची में तीन फ्लाइओवर के लिए एल-वन चयन, अक्टूबर से निर्माण शुरू करने की तैयारी

करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू फ्लाइओवर की निविदा प्रक्रिया में अलग-अलग कंपनियां एल-वन चुनी गई हैं। दर पर बातचीत के बाद काम आवंटित किया जाएगा।

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रांची में प्रस्तावित तीन फ्लाइओवर परियोजनाओं से जुड़ा सांकेतिक दृश्य

रांची की यातायात व्यवस्था से जुड़ी तीन बड़ी फ्लाइओवर परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू फ्लाइओवर के लिए अलग-अलग निर्माण कंपनियों का एल-वन चयन किया गया है। अब दर पर बातचीत पूरी होने के बाद कंपनियों को काम सौंपा जाएगा। तीनों स्थानों पर अक्टूबर से निर्माण शुरू कराने की तैयारी है।

इन परियोजनाओं का निर्माण स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड की ओर से इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी पद्धति से कराया जाएगा। इस व्यवस्था में चयनित कंपनी डिजाइन तैयार करने से लेकर निर्माण पूरा करने तक की जिम्मेदारी संभालेगी। आवश्यकता होने पर कंपनी डिजाइन में सीमित संशोधन का प्रस्ताव भी दे सकेगी।

हरमू फ्लाइओवर के लिए हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी का एल-वन चयन हुआ है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित फ्लाइओवर सहजानंद चौक से पहले शुरू होकर हरमू रोड और रातू रोड को पार करते हुए कांके रोड की जज कॉलोनी तक जाएगा। सहजानंद चौक की ओर से आने वाले वाहनों को रातू रोड जाने के लिए गोशाला के सामने उतरने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना की निविदा राशि 326.61 करोड़ रुपये बताई गई है।

अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाइओवर के लिए दिनेश चंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन कंपनी एल-वन रही है। 223.14 करोड़ रुपये की निविदा वाली यह परियोजना हरमू रोड पर काव्स रेस्टोरेंट के पास से डिबडीह पुल से पहले तक प्रस्तावित है। अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ की ओर चापुटोली और अशोक नगर रोड नंबर तीन तक भी इसका विस्तार होगा। करीब 3.804 किलोमीटर लंबी संरचना में चार दिशाओं के यातायात के लिए राउंड अबाउट की व्यवस्था रखी गई है।

करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर के लिए शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी का एल-वन चयन किया गया है। करमटोली चौक से साइंस सिटी तक प्रस्तावित इसकी कुल लंबाई 3.216 किलोमीटर होगी। इसमें 2.7 किलोमीटर मुख्य फ्लाइओवर और मोरहाबादी की ओर 0.52 किलोमीटर का लिंक रोड शामिल है। इस लिंक का उपयोग मोरहाबादी मैदान और स्टेडियम की ओर से आने वाले वाहन कर सकेंगे। परियोजना के लिए 351 करोड़ रुपये की निविदा जारी हुई थी।

फिलहाल तीनों परियोजनाएं काम आवंटन से पहले की प्रक्रिया में हैं। इसलिए निर्माण आरंभ होने का कार्यक्रम दर संबंधी बातचीत और औपचारिक आवंटन पूरा होने पर निर्भर करेगा। योजनाओं का घोषित उद्देश्य राजधानी के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना है।