झारखंड में चना दाल और नमक की सालभर की खरीद को मंजूरी, 68 लाख परिवारों के लिए तैयारी

खाद्य आपूर्ति विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चना दाल और नमक की एकमुश्त खरीद को मंजूरी दी है। टेंडर के बाद नियमित वितरण बहाल करने की तैयारी है।

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झारखंड में लाभुक परिवारों के लिए चना दाल और नमक की खरीद की तैयारी

रांची में खाद्य आपूर्ति विभाग ने झारखंड के करीब 68 लाख गरीब परिवारों के बीच वितरण के लिए चना दाल और नमक की एक वर्ष की खरीद को मंजूरी दी है। यह खरीद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकमुश्त की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबित आपूर्ति को पूरा करने के साथ वितरण व्यवस्था को नियमित करना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खरीद की जिम्मेदारी खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय को दी जाएगी। निदेशालय टेंडर जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह के भीतर सरकारी जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा प्रक्रिया आरंभ करने की तैयारी है। अभी टेंडर की शर्तें तय की जा रही हैं।

विभाग ने पिछली खरीद प्रक्रिया में आई बाधाओं को देखते हुए पूरे साल की जरूरत के लिए एक साथ निविदा निकालने का निर्णय लिया है। इससे बार-बार खरीद की प्रक्रिया और आपूर्ति में होने वाली देरी को कम करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि वितरण कब से सामान्य होगा, इसकी निश्चित तारीख अभी नहीं बताई गई है।

इससे पहले वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए आयोडीनयुक्त नमक खरीदने को टेंडर निकाला गया था। निविदा में मिली सबसे कम दर भी अधिक पाए जाने के बाद विभाग ने उस प्रक्रिया को रद्द कर दिया था। मामले की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी।

समिति की रिपोर्ट में ईंधन, पैकेजिंग और परिवहन लागत बढ़ने को आपूर्ति दरों में वृद्धि का कारण बताया गया। इसके बाद विभाग ने नई निविदा के जरिये खरीद करने का निर्णय लिया। नई प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और सालभर की मांग पूरी करने पर जोर दिया गया है।

चना दाल की आपूर्ति का लंबित हिस्सा लगभग एक वर्ष का बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में करीब 14 प्रतिशत और सितंबर में लगभग आठ प्रतिशत लाभुकों तक ही पहले से बची दाल पहुंच सकी। नई खरीद पूरी होने के बाद चना दाल और नमक का नियमित वितरण बहाल होने की उम्मीद जताई गई है।