रांची में बिजली के खंभों से गुजरने वाले टेलीकॉम और केबल तार अब 12 फीट से अधिक ऊंचाई पर रखने होंगे। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के रांची एरिया बोर्ड ने कंपनियों को प्रत्येक तार पर पहचान वाला टैग लगाने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेने का निर्देश दिया है।
रांची एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार के अनुसार, तारों की न्यूनतम ऊंचाई तय करने का उद्देश्य दुर्घटना की आशंका कम करना है। कंपनी का टैग लगा होने से यह भी स्पष्ट रहेगा कि किसी खंभे से गुजर रहा तार किस सेवा प्रदाता का है।
निगम ने साफ किया है कि सीमित संख्या में खंभों की अनुमति लेकर उससे कहीं अधिक खंभों पर केबल नहीं लगाया जा सकता। कंपनियों को संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारी से संपर्क कर यह जानकारी देनी होगी कि उनके तार कितने बिजली खंभों से गुजर रहे हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर केबल को वैध कराना होगा।
पुरुलिया रोड पर सड़क किनारे बेतरतीब पड़े टेलीकॉम तारों को व्यवस्थित कराया गया है। बिजली विभाग और टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा तारों को तय ऊंचाई पर कराया। निगम ने अन्य स्थानों पर भी इसी व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
महाप्रबंधक ने कंपनियों को अपने तार जल्द वैध कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए अनुमति, खंभों की सही संख्या और प्रत्येक केबल पर संबंधित कंपनी की पहचान जैसे नियमों का पालन करना होगा। बिना अनुमति लगाए गए इंटरनेट और केबल तार कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
जेबीवीएनएल के अनुसार, अगले सप्ताह से दोबारा अभियान चलाया जाएगा। जांच के दौरान अनधिकृत तार पाए जाने पर उन्हें हटाया जाएगा और नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के विरुद्ध निगम सीधे कार्रवाई करेगा। ऐसे में सेवा प्रदाताओं को अभियान शुरू होने से पहले अपनी केबल व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी।