रांची में विजयादशमी पर छह स्थानों पर रावण दहन, मोरहाबादी में 70 फीट का पुतला

रांची के मोरहाबादी, अरगोड़ा और शालीमार मैदान सहित छह स्थानों पर विजयादशमी के कार्यक्रम होंगे। प्रमुख आयोजनों की शुरुआत शाम चार बजे से करने की तैयारी है।

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रांची में विजयादशमी के रावण दहन कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया विशाल पुतला

रांची में विजयादशमी के अवसर पर सोमवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मोरहाबादी मैदान, अरगोड़ा मैदान और एचईसी के शालीमार मैदान के अलावा टाटीसिलवे, तुपुदाना और हुंडरू में भी आयोजन की तैयारी है। प्रमुख कार्यक्रम शाम चार बजे से शुरू होने हैं। आयोजकों और प्रशासन ने संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा तथा लोगों की सुविधा के प्रबंध किए हैं।

मोरहाबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से दशहरा उत्सव आयोजित किया जाएगा। यहां कार्यक्रम शाम चार बजे शुरू होगा और पुतला दहन शाम साढ़े पांच बजे के बाद प्रस्तावित है। आयोजन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आमंत्रित किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ कुंभकर्ण और विधायक सीपी सिंह मेघनाद के पुतले का दहन करेंगे।

मोरहाबादी में इस बार रावण का पुतला 70 फीट ऊंचा बनाया गया है। इसके साथ 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाद तैयार किया गया है। समारोह के लिए 30 गुणा 30 फीट आकार की दो मंजिला स्वर्ण लंका की प्रतिकृति भी बनाई जा रही है। लंकादहन का दृश्य प्रस्तुत किए जाने के बाद तीनों पुतलों का दहन होगा। आतिशबाजी भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगी।

अरगोड़ा मैदान में श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति कार्यक्रम कराएगी। यहां रावण का पुतला 60 फीट और कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले 50-50 फीट ऊंचे होंगे। समिति की ओर से पुतला दहन से पहले लंका की प्रतिकृति के साथ आतिशबाजी की तैयारी की गई है।

एचईसी के शालीमार बाजार मैदान में भी विजयादशमी समारोह होगा। यहां 60 फीट ऊंचे रावण और 55 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया जाना है। शहर के अलग-अलग मैदानों में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

आयोजन स्थलों पर पुतला दहन और आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रमुख चुनौती रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आयोजक और प्रशासन सुरक्षा, भीड़ के प्रबंधन तथा आगंतुकों की सुविधा से जुड़ी तैयारियां कर रहे हैं। लोगों को कार्यक्रम के समय और स्थानीय व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थलों पर पहुंचना होगा।