रांची में शिक्षक दिवस पर दो शिक्षिकाओं समेत 192 शिक्षक और शैक्षिक सहयोगी सम्मानित

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में दो शिक्षिकाओं को उत्कृष्टता सम्मान और 190 शिक्षकों व साधन सेवियों को शैक्षिक योगदान सम्मान दिया गया।

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रांची में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उपस्थित सम्मानित शिक्षक और अधिकारी

रांची में शिक्षक दिवस के अवसर पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद सभागार में राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए दो शिक्षिकाओं को राज्य शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान दिया गया, जबकि शैक्षणिक गतिविधियों में योगदान करने वाले 190 सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों और साधन सेवियों को राज्य शैक्षिक योगदान सम्मान से सम्मानित किया गया।

राज्य शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान पाने वालों में पूर्वी सिंहभूम के मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बीपीएम बर्मामाइंस, गोलमुरी-जुगसलाई की रंजीता गांधी और पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित एमएल रूंगटा प्लस टू विद्यालय की प्रधानाचार्य शिल्पा गुप्ता शामिल हैं। दोनों शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल और 25-25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

समारोह में जेसीईआरटी के विभिन्न प्रभागों से अनुमोदित गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 190 शिक्षकों और साधन सेवियों को भी सम्मानित किया गया। इनके चयन में विशिष्ट शैक्षणिक कार्यों और शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों में योगदान को आधार बनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जेसीईआरटी के उप निदेशक विंध्याचल पांडे के संस्कृत में दिए स्वागत संबोधन से हुई।

जेसीईआरटी निदेशक शशि रंजन ने कहा कि व्यक्ति के जीवन की दिशा और दृष्टि तय करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विशेष रूप से प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों के योगदान को रेखांकित किया। उनके अनुसार शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के साथ पाठ्यक्रम निर्माण, डिजिटल नवाचार और शिक्षा नीतियों के क्रियान्वयन में भी अहम जिम्मेदारी निभाते हैं।

राज्य गुणवत्ता शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभिनव कुमार ने शिक्षकों की निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और राज्य में लागू किए जा रहे नवाचारों में उनकी भागीदारी की सराहना की। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों से आगे भी शैक्षणिक कार्यों में उसी समर्पण के साथ सक्रिय रहने का आग्रह किया।

सम्मानित शिक्षिकाओं रंजीता गांधी और शिल्पा गुप्ता ने मौजूदा समय में शिक्षण को चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी बताया। शिल्पा गुप्ता ने अपने विद्यालय में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई जारी रखने और पर्यावरण संरक्षण से विद्यार्थियों को जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी। उनके मुताबिक, विद्यालय में नामांकन के समय प्रत्येक बच्चा एक पेड़ लगाने का लिखित संकल्प लेता है और विद्यार्थियों ने अब तक 20 हजार से अधिक पेड़ लगाए हैं।