रांची में सुरक्षा मानकों की जांच के बाद पांच कोचिंग संस्थान सील, 18 अन्य पर कार्रवाई प्रस्तावित

रांची नगर निगम ने हरिओम टावर में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों को सील किया है। सुरक्षा और भवन मानकों की जांच के बाद 18 अन्य संस्थानों पर भी कार्रवाई प्रस्तावित है।

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रांची में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करती नगर निगम की टीम

रांची में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत नगर निगम ने बुधवार को पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। ये सभी संस्थान हरिओम टावर में संचालित हो रहे थे। निगम के मुताबिक, कार्रवाई निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों और भवन उपविधियों का पालन नहीं मिलने के आधार पर की गई है।

सील किए गए संस्थानों में द पाठशाला, पतंजलि आईएएस एकेडमी, मोशन एकेडमी, क्लैट प्रिपरेशन और चौतन्या आईएएस एकेडमी शामिल हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों पर समझौता नहीं किया जाएगा और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

अभियान के दौरान नगर निगम की टीम शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का निरीक्षण कर रही है। जांच में फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आग से बचाव की व्यवस्था और विद्युत सुरक्षा से जुड़े प्रबंध देखे जा रहे हैं। सुरक्षित प्रवेश तथा निकास मार्ग और पर्याप्त वेंटिलेशन की उपलब्धता भी जांच के दायरे में है।

इसके अलावा, संस्थान में उपलब्ध स्थान के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या, ट्रेड लाइसेंस तथा भवन से जुड़े अन्य मानकों का सत्यापन किया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और भवन मानकों से संबंधित कमियां सामने आई हैं। ऐसे संचालकों को व्यवस्था नियमों के अनुरूप करने का निर्देश दिया जा रहा है।

नगर निगम ने 18 अन्य कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध भी सीलिंग की कार्रवाई प्रस्तावित की है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम कदम जांच पूरी होने और उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उठाया जाएगा। निगम ने संकेत दिया है कि गंभीर अनियमितता मिलने पर सीलिंग सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि अभियान किसी एक संस्थान को लक्ष्य बनाकर नहीं चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कोचिंग और लाइब्रेरी परिसरों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।