रांची में स्वाइन फ्लू के आठ नए मामले, जांच में अब तक 24 संक्रमित मिले

रिम्स की जांच में आठ नए एच1एन1 मामले मिले हैं। निजी लैब के आंकड़ों को जोड़कर राजधानी में अब तक 24 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की सूचना है।

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रांची में स्वाइन फ्लू संक्रमण की जांच और स्वास्थ्य सतर्कता से संबंधित तस्वीर

रांची में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के आठ नए मामले सामने आए हैं। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए 11 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें आठ नमूने संक्रमित पाए गए। संक्रमित लोगों में विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा भी शामिल हैं।

राजधानी की निजी प्रयोगशालाओं में भी संक्रमण के मामले मिल रहे हैं। माइक्रो प्रैक्सिस लैब में बीते दस दिनों के दौरान 16 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी दी गई है। रिम्स और इस निजी लैब के आंकड़ों को मिलाकर अब तक 24 लोगों में संक्रमण की पुष्टि होने की सूचना है। शहर की अन्य बड़ी निजी प्रयोगशालाओं में भी प्रतिदिन एक-दो मामले सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमित मिले अधिकांश लोग हाल में दूसरे राज्यों या शहरों की यात्रा से लौटे थे। वापसी के बाद उन्हें तेज बुखार, गले में दर्द, सर्दी और खांसी जैसी शिकायतें हुईं। चिकित्सकीय सलाह पर नमूनों की जांच कराए जाने के बाद उनमें एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई।

मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। आईसीएमआर के महानिदेशक राजीव बहल के अनुसार, इस संक्रमण में मृत्यु दर काफी कम है, लेकिन बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है।

स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क से फैल सकता है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या शरीर में दर्द होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने, जरूरत पड़ने पर मास्क लगाने और हाथों की नियमित सफाई रखने की सलाह भी दी गई है।

डॉ. अशोक कुमार शर्मा के मुताबिक, आम तौर पर संक्रमण तीन से पांच दिनों में सामान्य दवा और सावधानी से ठीक हो सकता है। हालांकि बुखार लगातार बना रहे, शरीर का तापमान 104 से 105 डिग्री तक पहुंच जाए या गले में तेज दर्द हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी में स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना अधिक सुरक्षित है।