रांची में स्वाइन फ्लू से संक्रमित तीन बच्चे भर्ती, पांच माह की बच्ची वेंटिलेटर पर

रांची के एक अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संक्रमित तीन बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें पांच माह की बच्ची की स्थिति गंभीर बताई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों की समीक्षा की है।

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रांची में स्वाइन फ्लू संक्रमण के बीच उपचार और स्वास्थ्य सतर्कता की प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची में स्वाइन फ्लू से संक्रमित तीन बच्चों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें पांच माह की एक बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया है। अस्पताल के चिकित्सक ने उसकी स्थिति गंभीर बताई है और लक्षणों के आधार पर उपचार किए जाने की जानकारी दी है। बच्ची को गुरुवार को भागलपुर से लाकर भर्ती कराया गया था।

अस्पताल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, वहां स्वाइन फ्लू से पीड़ित कुल तीन बच्चों का इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, रिम्स के शिशु विभाग में फिलहाल इस संक्रमण से पीड़ित कोई बच्चा भर्ती नहीं है।

चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चों तक संक्रमण परिवार के किसी संक्रमित सदस्य से पहुंच सकता है। घर में किसी व्यक्ति को सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। संक्रमित व्यक्ति को बच्चों से दूरी रखने और मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियों की समीक्षा की है। गुरुवार को सभी सिविल सर्जनों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें बताया गया कि संक्रमित पाए गए अधिकतर मरीज हाल में दूसरे राज्यों या शहरों की यात्रा करके झारखंड लौटे थे। एक संक्रमित मरीज का अन्य निजी अस्पताल में इलाज चलने की जानकारी भी दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बाहर से आने वाले मरीजों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। विभाग ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर कोविड के समय अपनाए गए प्रोटोकॉल का पालन कराने को कहा है। हालांकि, अभी तक कोई औपचारिक स्वास्थ्य परामर्श जारी नहीं किया गया है। विभाग का कहना है कि गंभीर मरीजों की जांच और निगरानी की जा रही है।

रांची के सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार, ऐसे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर हो सकती है। लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों और बीमार व्यक्तियों के संपर्क से बचने तथा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों की अनदेखी नहीं करने को कहा गया है।