झारखंड में शिक्षा प्रौद्योगिकी के लिए व्यावहारिक रोडमैप तैयार करने के उद्देश्य से 28 और 29 सितंबर को रांची में दो दिवसीय राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें देवघर सहित संताल परगना के अलग-अलग जिलों से शिक्षक और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
कार्यशाला में सरकारी स्कूलों की मौजूदा डिजिटल व्यवस्था और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों की समीक्षा की जाएगी। प्रतिभागी यह भी बताएंगे कि कक्षाओं में डिजिटल साधनों के उपयोग के दौरान शिक्षकों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और व्यवस्था को उनकी जरूरतों के अनुरूप कैसे बनाया जा सकता है।
चर्चा का एक प्रमुख विषय विद्यार्थियों तक तकनीक की समान पहुंच सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही कक्षा में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल तथा शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता बेहतर करने के तरीकों पर शिक्षक अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। पहल में तकनीक को केवल उपकरण नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के माध्यम के रूप में देखने पर जोर रहेगा।
देवघर से डायट जसीडीह की किरण कुमारी, एमएस विवेकानंद हाई स्कूल की श्वेता शर्मा और आर. मित्रा डीसीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के अरविंद राज प्रतिभागी के रूप में शामिल होंगे। संताल परगना के अन्य जिलों से चयनित शिक्षक भी कार्यशाला में अपने क्षेत्र के अनुभव रखेंगे।
दो दिनों के विचार-विमर्श के आधार पर शिक्षा प्रौद्योगिकी से जुड़ी अल्प, मध्यम और दीर्घ अवधि की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। इन्हीं सुझावों के सहारे राज्य के लिए ऐसा एडटेक रोडमैप तैयार करने की योजना है, जो स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों और जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप हो।