रामगढ़ कॉलेज में हिंदी पखवाड़े का गुरुवार को समापन हुआ। समारोह में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। इस अवसर पर कॉलेज की पत्रिका ‘उत्कर्ष’ का प्रकाशन जल्द शुरू करने की घोषणा भी की गई। पखवाड़े के दौरान आयोजित साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था।
प्राचार्य डॉ. बिमल मिश्रा ने विद्यार्थियों से हिंदी को जीवन और व्यवहार में प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने भाषा के प्रति संवेदनशीलता, आत्मीयता और सम्मान को सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। साथ ही विद्यार्थियों में अपनी भाषा के प्रति लगाव और मौलिक अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।
प्राचार्य ने हिंदी विभाग के आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के लिए साहित्यिक भ्रमण कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कॉलेज परिसर में एक बड़ा साहित्यिक समागम आयोजित करने की बात भी रखी। उनके अनुसार, साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच मिलता है तथा महाविद्यालय का साहित्यिक वातावरण समृद्ध होता है।
समापन समारोह में इतिहास विभाग की छात्रा रीना कुमारी और हिंदी विभाग के विद्यार्थी कुंदन कुमार ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. कामना राय, सहायक प्राध्यापक डॉ. रोज उरांव और हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका ने भी स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कीं। काव्य पाठ के लिए रीना कुमारी और कुंदन कुमार को पुरस्कृत किया गया।
डॉ. अनामिका ने कहा कि कविता के माध्यम से भाषा, समाज, संवेदना और मानवीय मूल्यों से जुड़े भावों को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्राचार्य की प्रेरणा और निर्देश पर कॉलेज में पहली बार हिंदी पखवाड़े का विस्तृत आयोजन किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी किरण कुमारी ने किया। सहायक प्राध्यापक राहुल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन के दौरान हिंदी के विकास में अहिंदी भाषियों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। कॉलेज की ओर से घोषित पत्रिका ‘उत्कर्ष’ विद्यार्थियों की साहित्यिक और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए नया मंच बनेगी।