रांची में 48,400 रुपये रिश्वत लेते तीन लेखा अधिकारी गिरफ्तार, धनबाद समेत पांच ठिकानों पर तलाशी

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने रांची के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद रांची और धनबाद के पांच ठिकानों की तलाशी ली गई।

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रांची के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में सीबीआई की रिश्वत मामले में कार्रवाई

रांची में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय के तीन अधिकारियों को 48,400 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी की टीमों ने रांची और धनबाद में आरोपियों से जुड़े पांच ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्यालय केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है और कई केंद्रीय एजेंसियों के खातों का काम देखता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारियों में वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो तथा सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत कुमार सिंह शामिल हैं। सीबीआई ने रांची के डोरंडा स्थित कार्यालय में जाल बिछाकर तीनों को कथित रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा।

मामला प्रयागराज स्थित एनटीपीसी इकाई में तैनात सीआईएसएफ के एक हवलदार की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि यात्रा भत्ता और बच्चों के शैक्षणिक भत्ते से संबंधित बिलों को पास कराने के बदले रकम मांगी गई थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सीबीआई की रांची इकाई ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों से संबंधित परिसरों की तलाशी शुरू की। धनबाद के पुराना बाजार क्षेत्र स्थित गांधी नगर में सुजीत कुमार सिंह के पैतृक आवास की भी जांच की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वहां करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के आभूषण मिले हैं।

तलाशी के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज और बैंक लॉकर का विवरण मिलने की बात भी सामने आई है। बरामद नकदी, आभूषणों और दस्तावेजों का सत्यापन जांच एजेंसी कर रही है। इनकी वैधता और स्रोत के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

तीनों गिरफ्तार अधिकारियों को रांची की विशेष सीबीआई अदालत में पेश करने की तैयारी की गई है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका रही है या नहीं। आरोपों पर न्यायिक निर्णय अभी नहीं हुआ है और आगे की कार्रवाई जांच तथा अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।