रांची रेलवे स्टेशन का दक्षिणी प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से खुला, टिकट काउंटर और एटीवीएम शुरू

त्योहारी भीड़ के मद्देनजर रांची रेलवे स्टेशन का दक्षिणी प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से खोला गया है। यहां दो टिकट काउंटर, चार एटीवीएम और सामान जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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रांची रेलवे स्टेशन के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर शुरू की गई यात्री सुविधाएं

रांची रेलवे स्टेशन पर त्योहारी दिनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए दक्षिणी छोर का प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से खोल दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग द्वारों से स्टेशन में प्रवेश की सुविधा देना और मुख्य प्रवेश द्वार पर दबाव कम करना है। दक्षिणी हिस्से में टिकट और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।

दक्षिणी प्रवेश द्वार की ओर दो टिकट बुकिंग काउंटर चालू किए गए हैं। इसके साथ चार ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। अनारक्षित टिकट लेने में यात्रियों की सहायता के लिए मोबाइल यूटीएस सहायक भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन व्यवस्थाओं से टिकट काउंटरों पर लगने वाली कतारों का दबाव घटाने की कोशिश की जा रही है।

नए प्रवेश द्वार से प्लेटफॉर्म संख्या छह तक सीधी पहुंच मिलती है। इस प्लेटफॉर्म से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अब मुख्य प्रवेश द्वार की ओर जाने की आवश्यकता कम पड़ सकती है। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने तथा पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन को देखते हुए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

दक्षिणी टर्मिनल से प्रवेश करने वाले यात्रियों के सामान की जांच के लिए स्कैनिंग मशीन की व्यवस्था की गई है। त्योहारों के दौरान स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रित रखने, अनावश्यक जमाव रोकने तथा ट्रेनों में चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

रांची स्टेशन पर करीब 447 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना चल रही है। परियोजना के तहत आधुनिक प्रतीक्षालय, वातानुकूलित वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया और एग्जीक्यूटिव लाउंज जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। महिला और पुरुष यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था वाली 100 बेड की डॉरमेट्री बनाने की भी योजना है।

पुनर्विकास योजना में स्वच्छ शौचालय, शिशु को दूध पिलाने के लिए अलग कक्ष और दुकानों के विकास का प्रावधान है। बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों और भारी सामान के साथ सफर करने वालों की सुविधा के लिए लिफ्ट तथा एस्केलेटर विकसित किए जा रहे हैं। स्टेशन परिसर में पार्किंग और प्रवेश-निकास व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी काम चल रहा है।