रांची सदर अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती एक मरीज को कथित तौर पर समय पर कंबल नहीं मिलने का मामला सामने आया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ठंड से कांप रहे मरीज को राहत देने के लिए उसकी मां ने पास में पड़ी चटाई ओढ़ाई और बाद में उसे अपने सीने से लगाकर गर्म रखने का प्रयास किया। घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना 22 सितंबर की है। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद मरीज को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था और तीसरी मंजिल के सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान उसे तेज ठंड लगने लगी। उसकी मां कंबल मांगने नर्सिंग डेस्क पर गईं, जहां उनसे प्रतीक्षा करने को कहा गया।
मरीज की कंपकंपी जारी रहने पर उसकी मां ने वार्ड में उपलब्ध चटाई का सहारा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य मरीज के तीमारदार से भी चटाई ली गई, लेकिन पर्याप्त राहत नहीं मिली। करीब आधे घंटे बाद कंबल उपलब्ध कराया गया। उपचार के बाद मरीज को 28 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मामले की पड़ताल में एक अन्य भर्ती मरीज ने भी उस दिन युवक के कांपने और उसकी मां के कंबल के लिए परेशान होने की बात की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाद में सर्जरी वार्ड बंद मिला और वहां भर्ती मरीजों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था। वार्ड बंद करने अथवा मरीजों को स्थानांतरित करने का कारण उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
वीडियो प्रसारित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने एक दूसरे मरीज का वीडियो जारी किया। उसमें संबंधित व्यक्ति ने कहा कि उसे कंबल की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि वह अपना कंबल घर से लाया था। प्रकाशित पड़ताल ने इस प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जारी वीडियो मूल घटना वाले मरीज का नहीं था।
उपलब्ध विवरण में अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी औपचारिक जांच, जिम्मेदारी तय किए जाने या सुधारात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में लापरवाही और प्रबंधन की प्रतिक्रिया से जुड़े दावे फिलहाल प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित हैं। मामला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए समय पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर ध्यान खींचता है।