रानीश्वर के दो जर्जर स्कूलों के 49 बच्चे बामुनडीहा स्थानांतरित, एक परिसर में अब 69 विद्यार्थी

दुमका के रानीश्वर प्रखंड में पांचपाहाड़ी और बुरुटोला के जर्जर स्कूल भवनों से बच्चों और पारा शिक्षकों को अस्थायी रूप से बामुनडीहा स्कूल भेजा गया है।

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रानीश्वर के बामुनडीहा विद्यालय में प्रार्थना के लिए एकत्र बच्चे

दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड में दो विद्यालयों के भवन जर्जर होने के कारण वहां पढ़ने वाले 49 बच्चों को अस्थायी तौर पर उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बामुनडीहा, रांगालिया में स्थानांतरित किया गया है। इस व्यवस्था के बाद बामुनडीहा स्कूल में विद्यार्थियों की कुल संख्या बढ़कर 69 हो गई है।

बामुनडीहा विद्यालय में पहले से 20 बच्चे नामांकित थे। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पांचपाहाड़ी के 30 और उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बुरुटोला के 19 बच्चों को यहां भेजा गया है। दोनों स्कूलों के नए भवन तैयार होने तक इन विद्यार्थियों की कक्षाएं बामुनडीहा में ही संचालित की जाएंगी।

स्थानांतरण केवल बच्चों तक सीमित नहीं है। पढ़ाई जारी रखने के लिए संबंधित विद्यालयों के पारा शिक्षकों को भी बामुनडीहा भेजा गया है। पांचपाहाड़ी के बच्चों के साथ दो और बुरुटोला के विद्यार्थियों के साथ एक पारा शिक्षक नए परिसर में पहुंचे हैं।

विद्यालय सचिव नाजीर हुसैन के अनुसार, इस अस्थायी व्यवस्था से बच्चों की पढ़ाई संचालित करने में सुविधा हो रही है। बामुनडीहा में पहले दो पारा शिक्षक पदस्थापित थे, लेकिन उनमें से एक को मध्य विद्यालय जामजुड़ी में प्रतिनियुक्त किया जा चुका है। वर्तमान में सहायक शिक्षक एवं सचिव नाजीर हुसैन वहां कार्यरत हैं।

तीनों विद्यालयों के विद्यार्थी अब एक ही परिसर में प्रार्थना और कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। बाहर से आए तीन पारा शिक्षकों के कारण बढ़ी हुई छात्र संख्या के बीच शिक्षण कार्य जारी रखा गया है। व्यवस्था का उद्देश्य जर्जर भवनों के कारण बच्चों की पढ़ाई में रुकावट नहीं आने देना है।

पांचपाहाड़ी और बुरुटोला में नए विद्यालय भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद बच्चों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजा जाएगा। तब तक बामुनडीहा ही दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों की अस्थायी अध्ययनस्थली रहेगी। रिपोर्ट में नए भवनों के निर्माण की निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।