रामगढ़ छावनी परिषद के स्कूलों में साप्ताहिक-मासिक मूल्यांकन और स्वच्छता जांच के निर्देश

छावनी परिषद के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रधानाध्यापकों की बैठक हुई। विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन, स्वच्छता, पहचान पत्र और शिक्षण शैली की समीक्षा पर जोर दिया गया।

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रामगढ़ छावनी परिषद से संचालित विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाने के लिए बुधवार को प्रधानाध्यापकों की बैठक हुई। परिषद सभागार में मुख्य अधिशासी अधिकारी विवेक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शैक्षणिक विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई।

बैठक में बच्चों के शैक्षणिक स्तर का नियमित आकलन करने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों की योग्यता और सीखने की क्षमता जानने के लिए साप्ताहिक तथा मासिक स्तर पर जांच और परीक्षाएं आयोजित करने को कहा गया है। विद्यालयों में पढ़ाई के स्तर से जुड़ी लापरवाही स्वीकार नहीं किए जाने की बात भी कही गई।

शिक्षकों की पढ़ाने की शैली के साथ प्रधानाध्यापकों की कार्यशैली की भी समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखना और बच्चों के सीखने के स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। प्रधानाध्यापकों को पठन-पाठन की व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की वेशभूषा और व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी ध्यान देने को कहा गया है। स्कूलों में प्रतिदिन बच्चों की ड्रेस और साफ-सफाई की जांच की जाएगी। विद्यालय परिसर तथा कक्षाओं में उच्च स्तर की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी बैठक में दिया गया।

सभी विद्यार्थियों को पहचान पत्र जारी करने की योजना पर भी चर्चा हुई। पढ़ाई या खेलकूद सहित किसी विषय में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के फोटो विद्यालय के बोर्ड पर लगाने को कहा गया, ताकि दूसरे बच्चे उनसे प्रेरणा ले सकें। बच्चों को कचरे से उपयोगी कलाकृति बनाने वाली ‘वेस्ट-टू-आर्ट’ प्रतियोगिता के लिए तैयार करने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में छावनी परिषद के कार्यालय अधीक्षक अनिल पासवान के साथ विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। परिषद की ओर से दिए गए निर्देशों में नियमित आकलन, शिक्षण पद्धति की समीक्षा, अनुशासन और स्वच्छता को विद्यालय सुधार के प्रमुख आधार के रूप में रखा गया है।