रामगढ़ सदर अस्पताल का फिजियोथेरेपी सेंटर बंद मिलने की शिकायत, सिविल सर्जन करेंगे जांच

दो फिजियोथेरेपिस्ट की पदस्थापना के बावजूद सेंटर बंद मिलने की शिकायत सामने आई है। सिविल सर्जन ने जांच और दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की बात कही है।

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रामगढ़ सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपी सेंटर से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

रामगढ़ सदर अस्पताल के पुराने भवन में संचालित फिजियोथेरेपी सेंटर बंद मिलने की शिकायत सामने आई है। अस्पताल की ऑर्थो ओपीडी से फिजियोथेरेपी के लिए भेजे गए कुछ मरीजों को सेंटर पर ताला लगा मिला। अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निजी फिजियोथेरेपी केंद्रों की ओर जाना पड़ा।

अस्पताल में दो फिजियोथेरेपिस्ट पदस्थापित होने की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद मरीजों को कई बार फिजियोथेरेपी सेवा नहीं मिल पाने से अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, नंदन कुमार की नियुक्ति राज्य स्तर से सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपी सेंटर के लिए हुई है।

ऑर्थो ओपीडी में पैर में मोच, हाथ-पैर में चोट या फ्रैक्चर के बाद चिकित्सक जरूरत के अनुसार मरीजों को फिजियोथेरेपी की सलाह देते हैं। कई शल्यक्रियाओं के बाद स्वस्थ होने की प्रक्रिया तथा गर्दन, पीठ, घुटने और कूल्हे के दर्द में भी यह सुविधा उपयोगी मानी जाती है। ऐसे में सेंटर बंद रहने से रेफर किए गए मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।

मरीजों की शिकायत सामने आने के बाद रामगढ़ के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने स्वयं जांच करने और जांच में फिजियोथेरेपिस्ट की गलती मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में जांच पूरी होने या किसी कर्मचारी पर कार्रवाई होने की सूचना नहीं दी गई है।

सदर अस्पताल की ऑर्थो ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने पहले ऑर्थो, जनरल मेडिसिन और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं तथा अन्य महिला मरीजों के उपचार के लिए प्रतिदिन दो-दो ओपीडी चलाने का निर्देश दिया था। इस व्यवस्था के बीच फिजियोथेरेपी सेंटर की नियमित उपलब्धता मरीजों के इलाज की अगली कड़ी से जुड़ी है।

अब जांच से यह स्पष्ट होने की अपेक्षा है कि सेंटर किस कारण बंद मिला और दोनों पदस्थापित फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारियां किस प्रकार तय की गई हैं। मरीजों के लिए सेवा किस समय उपलब्ध रहेगी, इस संबंध में भी दिए गए विवरण में कोई समय-सारणी नहीं बताई गई है।