रांची के विभिन्न इलाकों में काली पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा समितियां इस वर्ष अलग-अलग थीम पर पंडाल बना रही हैं। कुसई कॉलोनी में प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों के इस्तेमाल से पंडाल तैयार किया जा रहा है, जबकि लोअर चुटिया में अमेरिका स्थित स्वामी नारायण मंदिर के प्रारूप की झलक दिखाने की योजना है।
कुसई कॉलोनी काली पूजा समिति के अनुसार, पंडाल के निर्माण में करीब 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों का उपयोग किया जाएगा। परिसर में 11 तोरण द्वार भी बनाए जाने हैं। यह पंडाल अपनी निर्माण सामग्री और सजावट के कारण शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।
लोअर चुटिया के महावीर मंदिर परिसर में नव जागृति संघ शीशे और कांच की नक्काशी के साथ पंडाल तैयार करा रहा है। यहां 15 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। समिति ने नौ नवंबर से खीर, खिचड़ी और हलवा-पूड़ी सहित अलग-अलग प्रकार के भोग चढ़ाने की योजना बनाई है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जाएंगे।
चुटिया के मकचुंद टोली में नवीन यूथ क्लब कुटिया के स्वरूप वाला पंडाल बना रहा है। इसकी सजावट के माध्यम से झारखंड की कला और संस्कृति प्रस्तुत की जाएगी। श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास के अलग द्वार बनाने के साथ विशेष विद्युत सज्जा और प्रतिदिन भोग वितरण की व्यवस्था की जा रही है।
कड़रू के कपिलदेव मैदान में शक्ति क्लब काली पूजा समिति काल्पनिक स्वरूप का पंडाल तैयार करा रही है। यहां 16 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी और दरबार को बंगाली पूजा पद्धति के अनुरूप सजाया जाएगा। पंडाल का उद्घाटन आठ नवंबर को प्रस्तावित है। इसके बाद नौ से 11 नवंबर के बीच संगीत, सांस्कृतिक और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम रखे गए हैं।
निवारणपुर में चंदन नगर की शैली वाली विद्युत सज्जा की तैयारी है। विभिन्न समितियां पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, मीना बाजार, झूले और भोग वितरण भी आयोजित करेंगी। अलग-अलग इलाकों में चल रहे निर्माण और सजावट के काम से राजधानी में काली पूजा का उत्सवी वातावरण आकार लेने लगा है।