लोहरदगा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को 18 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। सिविल सर्जन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और अभियान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशस्ति पत्र तथा पुष्प देकर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर जोश ज्वाइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ (डब्ल्यूआइएसटी) का जिलास्तरीय शुभारंभ भी हुआ।
कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड तथा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. डीएन सिंह और जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. अशोक उरांव ने संयुक्त रूप से किया। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।
मसमानो, बड़की चांपी और पाखर पंचायत को सिल्वर पदक प्रदान किया गया। इनके अलावा नरौली, भीठा, आकाशी, भंडरा, गजनी, भोरों, नवाडीह, बेटहट, पारपाठ, जीमा, सुंदरू, जिंगी, टाटी, तोरार और झालजमीरा को भी टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया। इस तरह जिले की कुल 18 पंचायतों को यह मान्यता मिली।
सम्मान पाने वालों में संबंधित पंचायतों के मुखिया, उपमुखिया, सीएचडी, एएनएम और सहिया शामिल रहे। सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप ने टीबी मुक्त पंचायत के लक्ष्य के लिए समुदाय की भागीदारी को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में अभियान के स्थानीय स्तर पर संचालन और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
इस दौरान हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, लोहरदगा की ओर से उपचार करा रहे टीबी मरीजों को पोषण सहायता किट वितरित की गई। कार्यक्रम में टीबी के साथ एचआइवी संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण पर भी जानकारी साझा की गई। एचआइवी विभाग की डॉ. अर्चना प्रसाद ने उपस्थित लोगों को बचाव के उपायों से अवगत कराया।
आयोजन में जिला यक्ष्मा केंद्र के डीपीसी अनुराग सिंह, एसटीएस समीर टोप्पो, एसटीएलएस विजय कुमार महतो, डीपीएस ओम प्रकाश, डीईओ किरण कुमारी और अन्य कर्मी उपस्थित रहे। बड़की चांपी की उपमुखिया हेना तिवारी तथा हिंडाल्को के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।