रामगढ़ जिले के वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र में सीसीएल की अधिग्रहित बताई जा रही भूमि पर कथित रूप से खुदाई और निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। सोनडीहा गांव स्थित एनआर साइडिंग क्षेत्र को लेकर सीसीएल हजारीबाग क्षेत्र के सुरक्षा अधिकारी ने पुलिस को पत्र भेजकर काम तत्काल रुकवाने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित जमीन पर जेसीबी मशीन से खुदाई कर निर्माण कराया जा रहा है। इस सूचना के बाद प्रबंधन ने वेस्ट बोकारो ओपी से हस्तक्षेप का अनुरोध किया। हालांकि उपलब्ध विवरण में निर्माण कराने वाले पक्ष की पहचान या उसका पक्ष सामने नहीं आया है, इसलिए दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सीसीएल के अनुसार, विवाद वाली जमीन की वास्तविक सीमा और क्षेत्रफल तय करने के लिए रामगढ़ उपायुक्त को पहले ही पत्र भेजा गया था। इसमें सीमांकन और मापी कराने का अनुरोध किया गया। प्रबंधन चाहता है कि यह प्रक्रिया पूरी होने तक मौके पर खुदाई तथा निर्माण रोक दिया जाए, ताकि आगे नया विवाद उत्पन्न न हो।
कंपनी ने कथित अतिक्रमण हटाने और संबंधित अधिकारी के माध्यम से अमीन नियुक्त कर जल्द मापी कराने की मांग भी रखी है। शिकायत की प्रतिलिपि रामगढ़ उपायुक्त और मांडू के अंचल अधिकारी को भेजी गई है। मामले में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से की गई किसी अगली कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
इस बीच, शुक्रवार को वेस्ट बोकारो पुलिस और सीसीएल सुरक्षा विभाग की मौजूदगी में चैनपुर के भदवा मौजा की एक अन्य अधिग्रहित जमीन की मापी कराई गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एनआर साइडिंग के लिए वर्ष 1985 में अधिग्रहित तीन एकड़ सात डिसमिल भूमि पर मापी के बाद सीसीएल ने अपना कब्जा दर्ज कराया।
यह मापी मांडू अंचल अधिकारी के निर्देश पर कराई गई और संबंधित भू-स्वामी भी मौके पर मौजूद रहे। सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई उपायुक्त के निर्देश पर हुई है। उन्होंने भदवा मौजा में कंपनी की अन्य अधिग्रहित जमीनों पर भी आगे ऐसी प्रक्रिया किए जाने की बात कही है।