जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से कोलकाता और भुवनेश्वर की व्यावसायिक विमान सेवाएं बंद होने के बाद वहां तैनात सभी 74 पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, एयरपोर्ट पर छोटे प्रशिक्षण विमानों की नियमित गतिविधियां और कभी-कभी कॉरपोरेट विमानों का आवागमन अब भी जारी है। ऐसे में प्रवेश के समय होने वाली सुरक्षा जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
पुलिसकर्मियों को हटाने का आदेश झारखंड विशेष शाखा ने 12 अक्टूबर 2026 को जारी किया था। आदेश में विशेष शाखा के पुलिस उपाधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के 2 सितंबर 2026 के पत्र का उल्लेख किया गया है। व्यावसायिक विमान सेवा स्थायी रूप से बंद होने को सुरक्षाकर्मियों की वापसी का आधार बताया गया है।
एयरपोर्ट की सुरक्षा में चार पुलिस अवर निरीक्षक, आठ सहायक अवर निरीक्षक और 62 जवान लगाए गए थे। इन कर्मियों की जिम्मेदारी व्यावसायिक विमानों से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा जांच करना थी। वापसी के बाद सभी को विशेष शाखा के एयरपोर्ट सुरक्षा इकाई मुख्यालय, रांची में योगदान देने का निर्देश दिया गया।
आदेश की प्रतिलिपि पुलिस के अभियान और कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक समेत संबंधित पदाधिकारियों को भेजी गई थी। सुरक्षाकर्मियों के साथ एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरण भी संबंधित विभाग में जमा कराने को कहा गया है।
जमशेदपुर के पुलिस उपाधीक्षक को कर्मियों का निर्धारित समय पर रांची मुख्यालय में योगदान सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई। एयरपोर्ट के मुख्य विमानन सुरक्षा अधिकारी से सुरक्षा संबंधी प्रभार सौंपने की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया। तैनात कर्मियों ने रांची में नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो से 15 दिन का प्रशिक्षण लिया था और परीक्षा के बाद उनकी नियुक्ति हुई थी।
सोनारी एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं। उपलब्ध जानकारी में यहां 60 से अधिक लोगों के विमान प्रशिक्षण लेने और सप्ताह में कम से कम दो विमानों के उतरने का उल्लेख है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस बल हटने के बाद पहले जैसी प्रवेश जांच नहीं हो रही है; हालांकि इस व्यवस्था पर एयरपोर्ट प्रबंधन या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।