देवघर समेत संताल परगना के छह जिलों के चयनित सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को लैंग्वेज लैब के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने विद्यालयों में अंग्रेजी शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की तैयारी की है।
‘इफेक्टिव यूज ऑफ लैंग्वेज लैब’ कार्यक्रम में देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के शिक्षक शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए जिलों से उन्हीं शिक्षकों का चयन किया जाएगा, जिनके विद्यालयों में लैंग्वेज लैब की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में प्रशिक्षण की तिथि और इससे जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं। कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से आयोजित किया जाएगा ताकि शिक्षकों को लैब में उपलब्ध संसाधनों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिल सके।
राज्य के 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और 325 प्रखंडस्तरीय आदर्श विद्यालयों में लैंग्वेज लैब स्थापित की गई है। इन विद्यालयों के दो-दो शिक्षकों को इससे पहले भी दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब प्रस्तावित प्रशिक्षण उसी व्यवस्था के प्रभावी इस्तेमाल पर केंद्रित रहेगा।
परिषद की पहल का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को लैंग्वेज लैब के बेहतर संचालन के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से वे अंग्रेजी पढ़ाने के दौरान उपलब्ध तकनीकी और भाषाई संसाधनों का योजनाबद्ध ढंग से उपयोग कर सकेंगे। इससे प्रयोगशाला केवल स्थापित सुविधा बनकर न रहे, बल्कि नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बने।
संताल परगना के छह जिलों को कार्यक्रम में शामिल किए जाने से संबंधित विद्यालयों में अंग्रेजी शिक्षण की पद्धति को मजबूत करने की तैयारी आगे बढ़ेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चयनित शिक्षकों पर अपने विद्यालयों में लैंग्वेज लैब का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी।