रांची में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने गैर-सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन के लिए 73 करोड़ 41 लाख 24 हजार रुपये जारी किए हैं। इस आवंटन में अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त विद्यालय भी शामिल हैं। राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दी गई है।
निदेशालय के 13 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार, 18 जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों को आवंटन की स्वीकृति मिली है। यह राशि चालू वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत कुल 445 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये का हिस्सा है। इसका इस्तेमाल केवल वैध रूप से नियुक्त और कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया जा सकेगा।
वेतन जारी करने से पहले अधिकारियों को नियुक्ति और वेतन निर्धारण की वैधता जांचनी होगी। नियुक्ति सक्षम प्राधिकार से होना और वेतन निर्धारण पर निदेशक का अनुमोदन जरूरी है। आदेश में साफ किया गया है कि अप्रशिक्षित शिक्षकों को इस राशि से भुगतान नहीं होगा। स्वीकृत इकाई से अधिक या गैर-स्वीकृत विषयों में नियुक्त शिक्षकों के लिए भी अनुदान नहीं दिया जाएगा।
विद्यालयों में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन और बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करना अनिवार्य बनाया गया है। जिला शिक्षा अधीक्षकों को संबंधित स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगवाने तथा छात्र-शिक्षक अनुपात का सत्यापन कराने का निर्देश मिला है। कर्मचारियों का भुगतान दर्ज बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर किया जाएगा।
आवंटित धन से पिछले वित्तीय वर्षों का बकाया निदेशालय की अनुमति के बिना नहीं चुकाया जा सकेगा। राशि को केवल निर्धारित मद में खर्च करना होगा और इसे किसी दूसरे मद में स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं है। जिला शिक्षा अधीक्षकों को खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र एक महीने के भीतर निदेशालय को देना होगा।
जिलावार आवंटन में रांची को 26 करोड़ 51 लाख 98 हजार रुपये मिले हैं। पूर्वी सिंहभूम को 10 करोड़ 21 लाख 65 हजार 400 रुपये, गुमला को 8 करोड़ 38 लाख 86 हजार रुपये, पश्चिमी सिंहभूम को 7 करोड़ 18 लाख 24 हजार 600 रुपये और खूंटी को 6 करोड़ 63 लाख 33 हजार रुपये दिए गए हैं। धनबाद, दुमका, सिमडेगा, लोहरदगा, हजारीबाग और बोकारो के लिए भी अलग-अलग राशि स्वीकृत की गई है।