साहिबगंज के सरकारी स्कूलों में चार महीने में 6,076 नामांकन घटे, समीक्षा में कार्रवाई के निर्देश

जिला स्तरीय समीक्षा में मार्च से जुलाई 2026 के बीच नामांकन घटने की बात सामने आई। प्रशासन ने उपस्थिति, स्वास्थ्य जांच और आधार प्रमाणीकरण सुधारने को कहा।

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साहिबगंज जिले के बाल वाटिका, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के सरकारी स्कूलों में मार्च से जुलाई 2026 के बीच बच्चों का नामांकन 6,076 घट गया। मार्च में इन स्तरों पर 2,14,366 बच्चे नामांकित थे, जबकि जुलाई में संख्या घटकर 2,08,290 रह गई। जिला प्रशासन ने कमी के कारणों की समीक्षा करने और सभी बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।

ये आंकड़े पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की जिला स्तरीय स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की सोमवार को हुई बैठक में रखे गए। उपायुक्त दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योजना के क्रियान्वयन के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड गोली सेवन, आधार प्रमाणीकरण और पोषण वाटिकाओं की स्थिति पर चर्चा हुई।

समीक्षा के अनुसार, पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में जुलाई 2026 के दौरान बच्चों की औसत उपस्थिति 69.59 प्रतिशत रही। जून में यह 68.52 प्रतिशत थी। इस सुधार के बावजूद राज्य स्तर पर साहिबगंज की स्थिति 22वें स्थान पर रही। अधिकारियों से उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जुलाई में कुल नामांकित 2,08,290 बच्चों में से 50,231 का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, जो 24.12 प्रतिशत है। बैठक में शेष विद्यार्थियों की जांच समय पर पूरी करते हुए मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया। इसी महीने 1,36,896 बच्चों ने आईएफए गोली का सेवन किया था। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।

आधार से संबंधित समीक्षा में बताया गया कि 2,00,507 विद्यार्थियों के पास आधार उपलब्ध है, जो कुल नामांकन का 96.31 प्रतिशत है। इनमें 1,69,112 बच्चों, यानी 81.23 प्रतिशत, का आधार प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। कम प्रमाणीकरण वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देकर प्रक्रिया को शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया गया।

जिले के 1,280 विद्यालयों में से 1,234 में पोषण वाटिका संचालित मिली, जिसका अनुपात 96.40 प्रतिशत है। शेष 46 स्कूलों में भी वाटिका स्थापित करने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में दोबारा खोले गए 28 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पकाने और परोसने के लिए जरूरी बर्तनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।