साहिबगंज जिले में बाढ़ का फैलाव अब बच्चों की पढ़ाई और स्कूल तक उनकी सुरक्षित आवाजाही को प्रभावित कर रहा है। जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा के अनुसार, दियारा क्षेत्र के करीब एक दर्जन सरकारी विद्यालय बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित स्कूलों की सूची उपायुक्त को भेजी गई है और आगे की व्यवस्था के लिए प्रशासनिक मार्गदर्शन की प्रतीक्षा की जा रही है।
किशन प्रसाद स्कूल के परिसर में पानी घुसने के बाद वहां नियमित कक्षाएं बंद हो गई हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग से विद्यालय बंद करने का औपचारिक आदेश नहीं मिला है। ऐसे में शिक्षक गांव के एक ऊंचे स्थान पर पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वहां मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी जारी रखी गई है।
स्कूल के प्रभारी शिक्षक राजीव रंजन ने बताया कि दियारा क्षेत्र में कई पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है। बलुआ दियारा और गंगोताटोला के पास पुल पर पानी चढ़ने से पैदल तथा मोटरसाइकिल से आवागमन कठिन हो गया है। इससे शिक्षकों के लिए भी विद्यालय तक सुरक्षित पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
सिंहा टोला स्कूल के बच्चों को शोभनपुर भट्टा स्कूल में स्थानांतरित किया गया है। वहां भी भूतल में पानी आने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई ऊपरी मंजिल पर कराई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर के कुछ निजी स्कूलों और आसपास के मोहल्लों में भी पानी प्रवेश कर चुका है। कई अभिभावक बच्चों को नाव या अन्य उपलब्ध साधनों से सुरक्षित सड़क तक पहुंचा रहे हैं।
बाढ़ के बीच स्कूलों की छुट्टी के बाद बच्चों की घर वापसी को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ी है। रास्तों और पुलियों पर पानी होने से सामान्य आवागमन बाधित है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावित संस्थानों की स्थिति प्रशासन के सामने रखे जाने के बाद अब सुरक्षित संचालन, स्थानांतरण या बंदी से जुड़े निर्देशों का इंतजार है।
मंगलवार शाम गंगा का जलस्तर 28.55 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर और इस वर्ष का अब तक का अधिकतम स्तर बताया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, उस समय जलस्तर हर दो घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ रहा था। भागलपुर, कहलगांव, साहिबगंज और फरक्का की ओर धीमी वृद्धि दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।