साहिबगंज सदर अस्पताल में आंखों की बीमारियों की आधुनिक जांच और उपचार की सुविधा शुरू हो गई है। मंगलवार को अस्पताल के डायग्नोसिस सेंटर स्थित नेत्र इकाई में ऑपरेशन और जांच से जुड़े उपकरणों का उद्घाटन किया गया। उपायुक्त दीपक कुमार दुबे, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. देवेश कुमार ने मशीनों का निरीक्षण भी किया।
नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत योजना से जुड़े मरीजों को नेत्र उपचार की निःशुल्क सुविधा मिलेगी। अस्पताल में प्रत्येक सोमवार फेको विधि से मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाएगा। जिन पात्र मरीजों का आयुष्मान कार्ड अभी नहीं बना है, उनका कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाने की बात कही गई है।
अस्पताल में आंख के पिछले हिस्से और रेटिना की जांच के लिए भी मशीन लगाई गई है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा के अनुसार, आंखों की रोशनी कम होने के कारणों की जांच अब सदर अस्पताल में ही की जा सकेगी। ग्लूकोमा यानी काला मोतिया समेत दूसरी नेत्र समस्याओं के उपचार की सुविधा भी यहां उपलब्ध कराई जाएगी।
नेत्र विभाग को स्कैन बायोमीटर, नॉन-कॉन्टैक्ट टोनोमीटर, ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी, ऑप्थैल्मोस्कोप, ऑटोमेटेड पेरीमेट्री मशीन, रेटिना मशीन, बी-स्कैन, ए-स्कैन, लेजर मशीन, स्लिट लैंप और ऑटो रिफ्रैक्टोमीटर सहित कई उपकरण मिले हैं। मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अलग सेट और ऑपरेटिंग टेबल भी उपलब्ध कराई गई है।
उपायुक्त ने कहा कि जरूरी मशीनें उपलब्ध होने से मरीजों को नेत्र जांच और ऑपरेशन के लिए जिले से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। सिविल सर्जन ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग आधार कार्ड के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, नई मशीनें जांच और सर्जरी की गुणवत्ता बेहतर करने में सहायक होंगी।
कार्यक्रम में चल रहे नेत्रदान पखवाड़े की जानकारी भी दी गई। यह पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। सिविल सर्जन ने लोगों से नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील की और बताया कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर आई बैंक के माध्यम से नेत्रदान किया जा सकता है।