सिमडेगा के कोरकोटजोर गांव में लगेगा प्रशासनिक कैंप, प्रमाणपत्र और जमीन से जुड़ी समस्याओं का होगा समाधान

उपायुक्त कंचन सिंह ने केरसई प्रखंड के कोरकोटजोर गांव में मलार समाज के लोगों से संवाद किया और दस्तावेज, स्कूल नामांकन तथा मतदाता सूची से जुड़े मामलों के समाधान के निर्देश दिए।

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कोरकोटजोर गांव में मलार समाज के लोगों की समस्याएं सुनतीं सिमडेगा उपायुक्त कंचन सिंह

सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड स्थित कोरकोटजोर गांव में ग्रामीणों की प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए कैंप लगाया जाएगा। उपायुक्त कंचन सिंह ने रविवार को गांव पहुंचकर मलार समाज की महिलाओं, पुरुषों और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर सादरी भाषा में उनकी बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मलार समाज के प्रतिनिधियों ने कुछ दिन पहले जाति और आवासीय प्रमाणपत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद उपायुक्त ने स्वयं गांव जाकर लोगों से स्थिति की जानकारी ली। बातचीत के दौरान ग्रामीणों के साथ विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।

उपायुक्त ने केरसई के अंचलाधिकारी देवकांत सिंह को गांव में कैंप आयोजित करने को कहा। इस कैंप में जमीन की ऑनलाइन रसीद काटने तथा जाति और आवासीय प्रमाणपत्र बनाने से जुड़ी परेशानियों के निपटारे का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को आवश्यक दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।

प्रशासनिक कैंप में शिक्षा और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर भी काम होगा। जिन बच्चों का नाम किसी कारण से स्कूल से कट गया है, उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरवाने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी सुविधाओं और जरूरी दस्तावेजों के लिए ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। दौरे के दौरान एसडीओ सुमंत तिर्की, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि व अधिकारी भी उपस्थित थे।

कोरकोटजोर में संवाद के बाद उपायुक्त ने उर्सुलाईन बालिका उच्च विद्यालय, रेंगरीह के छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई, खान-पान, रहन-सहन और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही एंजेला हेल्थ सेंटर की ओर से दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।