सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड में दो बच्चों में रूबेला की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। दोनों मामले अलग-अलग टोलियों में सामने आए हैं। विभागीय टीम प्रभावित इलाकों में कैंप लगाकर बच्चों की जांच और टीकाकरण कर रही है। ग्रामीणों को संक्रमण के लक्षणों तथा बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
पुष्टि किए गए मामलों में एक बच्ची ताराबोगा की नदीपार टोली और दूसरी कुड़पानी की मुंडा टोली की है। बच्चों में रूबेला से जुड़े लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों टोलियों से पांच-पांच बच्चों के रक्त नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों को जांच के लिए रांची भेजा गया, जहां से आई रिपोर्ट में दो बच्चियों में संक्रमण की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामद ने दोनों प्रभावित इलाकों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाने का निर्देश दिया। डॉ. अध्ययन शरण के नेतृत्व में विभाग की टीम गांवों में पहुंची है। टीम एक से पांच वर्ष की आयु के बच्चों की पहचान कर उनके टीकाकरण की स्थिति की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन बच्चों को टीके की पहली और दूसरी खुराक पहले ही लग चुकी है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के आधार पर अतिरिक्त खुराक भी दी जा रही है। अभियान के दौरान केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है, ताकि संक्रमण के संभावित मामलों की समय रहते पहचान हो सके।
विभागीय कर्मी संक्रमित बच्चियों के परिजनों को उनकी देखभाल से संबंधित जरूरी जानकारी दे रहे हैं। परिवार के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों को रूबेला के लक्षण पहचानने, संक्रमण से बचने और आवश्यक सावधानियां अपनाने के बारे में समझाया जा रहा है। इसका उद्देश्य संक्रमण को दूसरे बच्चों तक फैलने से रोकना है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम नदीपार टोली और मुंडा टोली में लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। प्रभावित क्षेत्रों में जांच, टीकाकरण और जागरूकता अभियान साथ-साथ जारी हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इन्हीं दो बच्चों में रूबेला की पुष्टि हुई है और विभाग रोकथाम के उपायों पर काम कर रहा है।