सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड में 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला संक्रमण की पुष्टि हुई है। मामला कुड़पानी मुंडलटोली गांव का है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांव और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 15 सितंबर को गांव की कुछ बच्चियों की स्वास्थ्य जांच की गई थी। इसके बाद पांच बच्चियों के रक्त नमूने जांच के लिए रांची स्थित रिम्स भेजे गए। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच रिपोर्ट में 19 सितंबर को मुंडलटोली की एक बच्ची में रूबेला वायरस की पुष्टि हुई। संबंधित बच्ची की हालत अभी ठीक बताई गई है।
मामला सामने आने के बाद ठेठईटांगर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य टीमें प्रभावित क्षेत्र में अन्य संभावित मामलों की खोज कर रही हैं। कुड़पानी के साथ आसपास के गांवों में भी बच्चों के स्वास्थ्य और संक्रमण से जुड़े लक्षणों की निगरानी की जा रही है।
विशेष अभियान के तहत मुंडलटोली समेत तीन गांवों के कुल 112 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें मुंडलटोली के 44 बच्चे शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गांव में 28 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। अभियान जल्द पूरा करने के लिए बुधवार से चार टीमों को लगाने की तैयारी की गई है।
रूबेला संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैल सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में हल्का बुखार, सिरदर्द, शरीर पर गुलाबी दाने और आंखों में लालिमा शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने पर गर्भस्थ शिशु के लिए जन्मजात रूबेला सिंड्रोम का जोखिम हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण को महत्वपूर्ण बताया है। बुखार के साथ दाने या आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय मामलों की खोज, बच्चों की पहचान और टीकाकरण की प्रगति पर निगरानी जारी है।