सिमडेगा पुलिस ने अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निष्पादन के लिए चलाए गए विशेष अभियान में आठ स्थायी वारंटियों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के साथ कई अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान साइबर अपराध और दूसरे मामलों की जांच में सामने आए मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खाताधारकों के पते तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सत्यापन किया गया। लंबित वारंटों को निष्पादित करने के साथ न्यायालय के आदेश के आधार पर इश्तेहार और कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई।
गिरफ्तार स्थायी वारंटियों में कुरडेग थाना क्षेत्र के एक मामले में 10 वर्ष से फरार सहबाज अंसारी और ठेठईटांगर थाना क्षेत्र के अलग-अलग मामलों से जुड़े जेरोन केरकेट्टा तथा तारसियुस बारला शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि तारसियुस बारला 29 वर्षों से फरार था।
पुलिस ने खूंटी थाना क्षेत्र के एक मामले में मुस्कान, कुरडेग के एक अन्य मामले में बासुदेव महतो और बांसजोर ओपी से संबंधित प्रकरण में बुधु घांसी को गिरफ्तार करने की भी जानकारी दी। इनके अलावा पाकरटांड़ मामले के सुलेश्वर सिंह और बानो थाना क्षेत्र के एक मामले से जुड़े मनोज सिंह को पकड़ा गया।
विशेष अभियान में ठेठईटांगर थाना क्षेत्र के एक मामले में हितेश्वर साहू उर्फ गोलू तथा सिमडेगा थाना क्षेत्र के एक मामले के आरोपी ललित यादव की गिरफ्तारी भी हुई। पुलिस के अनुसार, इस दौरान 20 नोटिस और दो इश्तेहारों का तामिला कराया गया।
अभियान के दायरे में गुम मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सीईआईआर पोर्टल से जुड़ी कार्रवाई भी रखी गई थी। पुलिस ने कहा है कि फरार आरोपियों, स्थायी वारंटियों और साइबर अपराध से संबंधित मामलों में अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार व्यक्तियों से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।