सिमडेगा पुलिस लाइन परिसर में रविवार को करमा मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें पुलिस पदाधिकारी, जवान और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए। पारंपरिक रीति से पूजा और सामूहिक नृत्य के बीच परिसर में उत्सव का माहौल रहा।
समारोह की शुरुआत पाहन ने विधि-विधान के साथ करम डाली की पूजा-अर्चना कर की। इसके बाद डाली को अखड़ा में स्थापित किया गया। आयोजन में पहुंचे महिला और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए।
पूजा के बाद मांदर और ढोल की थाप पर करमा नृत्य प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक गीतों के साथ प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से पर्व मनाया। पुलिसकर्मियों के परिवारों की भागीदारी ने इस आयोजन को विभागीय कार्यक्रम के साथ पारिवारिक उत्सव का रूप भी दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने करमा पर्व को झारखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहन के प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
पुलिस अधीक्षक ने ऐसे आयोजनों को लोक संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहायक बताया। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को करमा पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में एसडीपीओ धर्मदेव पासवान सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पूजा के बाद उपस्थित लोगों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों का आनंद लिया। पूरे आयोजन में करमा पर्व से जुड़ी सामूहिकता और सांस्कृतिक परंपराएं प्रमुख रूप से दिखाई दीं।