सिमडेगा में चिह्नित 115 खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने और स्टॉक हटाने का निर्देश

जिला प्रशासन ने अमानक, गलत लेबलिंग या भ्रामक दावों के आधार पर चिह्नित खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाने के लिए कारोबारियों और विक्रेताओं को निर्देश जारी किया है।

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सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा संबंधी निर्देश पर अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों की बैठक

सिमडेगा जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुपालन के लिए बाजार में जांच और कार्रवाई शुरू की है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से चिह्नित 115 खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने तथा उनका उपलब्ध स्टॉक तत्काल बाजार से हटाने का निर्देश दिया गया है। यह प्रक्रिया झारखंड के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश के आधार पर शुरू की गई है।

जिले के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में खाद्य कारोबारियों, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश का पालन करने को कहा गया है। इसके दायरे में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म संचालकों को भी रखा गया है। संबंधित पक्षों से चिह्नित उत्पादों की बिक्री बंद करने और उनके पास मौजूद स्टॉक वापस लेने को कहा गया है।

प्रशासन ने सूचना को व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचाने के लिए चैंबर ऑफ कॉमर्स और डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन को भी पत्र भेजा है। दोनों संगठनों से अपने सदस्यों, व्यापारियों और दवा विक्रेताओं को आदेश की जानकारी देने तथा बाजार में इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने में सहयोग मांगा गया है।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, सूची में बिस्कुट, खाद्य तेल, आइसक्रीम, एनर्जी और स्पोर्ट्स ड्रिंक, मैंगो ड्रिंक, नूडल्स, चोको पाई, ब्राउन ब्रेड, टोफू तथा बेबी फूड से जुड़े अलग-अलग उत्पाद शामिल हैं। इनके संबंध में गलत लेबलिंग, भ्रामक दावे या खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी आपत्तियां बताई गई हैं। निर्देश किसी एक श्रेणी तक सीमित नहीं है।

नोटिस में कहा गया है कि भ्रामक विज्ञापन, गलत ब्रांडिंग, मिस-लेबलिंग या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 सहित संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बाजारों का नियमित निरीक्षण कर चिह्नित उत्पादों की बिक्री और उपलब्धता पर रोक सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं से खरीदारी के समय पैकेजिंग पर दर्ज दावों, लेबल और पोषण संबंधी जानकारी को ध्यान से देखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को असुरक्षित उत्पादों और भ्रामक दावों से बचाना है। संदिग्ध जानकारी वाले उत्पादों की खरीद से बचने की सलाह भी दी गई है।