सिमडेगा में पलाश दिवाली मेला शुरू, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिला मंच

हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूजियम परिसर में छह नवंबर तक चलने वाले पलाश दिवाली मेले में स्थानीय महिला उद्यमियों ने हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं।

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सिमडेगा के पलाश दिवाली मेले में स्थानीय उत्पादों के स्टॉल

सिमडेगा के हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूजियम परिसर में तीन दिवसीय पलाश दिवाली मेला एवं सांस्कृतिक आयोजन शुरू हो गया है। चार से छह नवंबर तक चलने वाले इस मेले में जिले के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने तथा ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर दिया गया है।

मेले का शुभारंभ चार नवंबर को पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। आयोजन में झारखंड की लोक-संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुओं को प्रमुखता दी गई है।

महिला समूहों के स्टॉलों पर मिट्टी के दीये, वस्त्र, आभूषण और बांस से बने सूप व टोकरियां उपलब्ध हैं। मांदर सहित दूसरे पारंपरिक सामान भी प्रदर्शित किए गए हैं। इससे दीपावली की खरीदारी के साथ जिले में तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं की विविधता देखने का अवसर मिल रहा है।

स्थानीय खाद्य उत्पाद भी मेले के आकर्षण में शामिल हैं। मड़ुआ से तैयार लड्डू और पारंपरिक मिठाइयों को स्टॉलों पर जगह दी गई है। आयोजन के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे लोगों के सामने रखने और उनके लिए स्थानीय बाजार विकसित करने का मंच मिला है।

जिला प्रशासन ने लोगों से दीपावली के दौरान स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, मेले में होने वाली खरीदारी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ उनके हुनर और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित कर सकती है।

मेला छह नवंबर तक हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूजियम परिसर में जारी रहेगा। इसमें हस्तशिल्प, बांस के सामान, पारंपरिक वाद्य और खाद्य उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रस्तुत किया गया है। आयोजन का उद्देश्य त्योहार के बाजार से स्थानीय उत्पादकों को जोड़ने के साथ सिमडेगा की ग्रामीण उद्यमिता और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाना है।