सिल्ली की रेखा महतो बैंकॉक में हीमोफीलिया देखभाल की अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में लेंगी प्रशिक्षण

रिम्स की लैब टेक्नीशियन रेखा महतो 11 से 13 सितंबर तक बैंकॉक में होने वाली कार्यशाला में हीमोफीलिया की जांच, उपचार और प्रयोगशाला की भूमिका से जुड़ा प्रशिक्षण लेंगी।

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बैंकॉक की हीमोफीलिया देखभाल कार्यशाला में भाग लेने वाली सिल्ली की रेखा महतो

रांची जिले के सिल्ली स्थित लगाम की रहने वाली रेखा महतो बैंकॉक में आयोजित होने वाली हीमोफीलिया देखभाल संबंधी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेंगी। वह रांची के रिम्स में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। इस भागीदारी के माध्यम से कार्यशाला में रिम्स के साथ झारखंड का भी प्रतिनिधित्व होगा।

तीन दिवसीय कार्यशाला 11 से 13 सितंबर तक बैंकॉक के किंग चुलालोंगकॉर्न मेमोरियल अस्पताल एवं चुलालोंगकॉर्न विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय में आयोजित की जाएगी। इसका विषय हीमोफीलिया की देखभाल और इसमें प्रयोगशाला की भूमिका रखा गया है। आयोजन एसोसिएशन फॉर हीमोफीलिया एंड एलाइड डिसऑर्डर्स-एशिया पैसिफिक की ओर से किया जा रहा है।

कार्यशाला में विशेषज्ञ हीमोफीलिया के मरीजों की देखभाल, बीमारी की जांच और उपचार में प्रयोगशालाओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा करेंगे। कार्यक्रम में प्रयोगशाला जांच की आधुनिक तकनीकों और प्रक्रियाओं पर भी चर्चा होगी। इसके साथ मरीजों को बेहतर देखभाल उपलब्ध कराने से संबंधित पहलुओं को प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा।

लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत रेखा महतो के लिए यह कार्यक्रम हीमोफीलिया की जांच से जुड़ी नई तकनीकों और प्रक्रियाओं को समझने का अवसर होगा। उन्हें अलग-अलग विशेषज्ञों तथा अन्य प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा करने और उनके कार्य अनुभवों से परिचित होने का मौका भी मिलेगा।

हीमोफीलिया की देखभाल में प्रयोगशाला की भूमिका कार्यशाला के केंद्र में रहेगी। इसी कारण जांच प्रक्रिया से सीधे जुड़ी रिम्स की लैब टेक्नीशियन की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीन दिनों के दौरान जांच, उपचार और मरीजों की देखभाल से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी दी जाएगी।