सोनारी में चित्रगुप्त पूजा 11 नवंबर को, तीन दिन का कार्यक्रम तय

सोनारी चित्रगुप्त समिति ने बैठक में पूजा कार्यक्रम को मंजूरी दी। मूर्ति स्थापना 10 नवंबर, मुख्य पूजा 11 नवंबर और विसर्जन 12 नवंबर को होगा।

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जमशेदपुर के सोनारी में इस वर्ष चित्रगुप्त पूजा का मुख्य आयोजन 11 नवंबर को होगा। सोनारी चित्रगुप्त समिति ने मंगलवार को चित्रगुप्त भवन में हुई बैठक के दौरान तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तय की। आयोजन की शुरुआत 10 नवंबर को मूर्ति स्थापना के साथ होगी, जबकि 12 नवंबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष श्याम बिहारी लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पिछले वर्ष के आय और व्यय का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। उपस्थित सदस्यों ने इस विवरण को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। बैठक में पूजा से जुड़ी जिम्मेदारियों और आयोजन की व्यवस्था पर भी विचार किया गया।

सदस्यों ने तय किया कि पिछले वर्ष कार्यरत रही पुरानी कमेटी ही इस बार भी सभी दायित्वों का निर्वहन करेगी। इस निर्णय के बाद पूजा की तैयारियों, मुख्य अनुष्ठान और विसर्जन कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी इसी कमेटी के पास रहेगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 नवंबर को मूर्ति स्थापित होने के अगले दिन मुख्य पूजा की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को विसर्जन जुलूस निकलेगा। समिति ने परिवारों के सदस्यों से पूजा और विसर्जन के कार्यक्रमों में अधिक संख्या में भाग लेने का अनुरोध किया है।

बैठक में अजय श्रीवास्तव, संजीव सिन्हा, नरेंद्र कुमार प्रसाद, शशांक शेखर, गुप्तेश्वर प्रसाद, बीपी श्रीवास्तव, एके सिन्हा, ठाकुर गौतम सिंह, रजनीकांत प्रसाद और अशोक कुमार समेत कई सदस्य उपस्थित थे। बैठक में लिए गए निर्णयों के साथ सोनारी में होने वाले इस सामुदायिक आयोजन की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो गई हैं।