धनबाद ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में झारखंड के शहरों के बीच शीर्ष स्थान हासिल किया है। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में धनबाद देशभर में 18वें स्थान पर रहा। सर्वेक्षण की सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर को कुल 200 में से 174.5 अंक मिले हैं।
रिपोर्ट में धनबाद की राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में शहर 29वें स्थान पर था, जबकि इस बार वह 11 पायदान ऊपर चढ़कर 18वें नंबर पर पहुंच गया। यह सर्वेक्षण नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत किया गया, जिसमें शहरों को उनकी आबादी के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया था। दस लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में 48 शहर शामिल थे।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, नगर निगम ने वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए शहर के 55 वार्डों में 18 करोड़ रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक बिछाए। विभिन्न वार्डों में 9.68 करोड़ रुपये खर्च कर 15.33 किलोमीटर बिटुमिन सड़क बनाई गई। चार खेल मैदान तैयार करने पर 4.13 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
हरित क्षेत्र बढ़ाने से जुड़े कार्य भी सर्वेक्षण के लिए किए गए प्रयासों में शामिल रहे। शहर में 2.33 करोड़ रुपये की लागत से 23 वर्टिकल गार्डन तैयार किए गए, जबकि विभिन्न वार्डों में ग्रीन पैच विकसित करने पर 1.59 करोड़ रुपये खर्च हुए। रिपोर्ट में नगर निगम के इन कार्यों को रैंकिंग में सुधार से जोड़ा गया है।
सर्वेक्षण में धनबाद की स्थिति कोलकाता, बेंगलुरु और वाराणसी से बेहतर बताई गई है। समान आबादी श्रेणी में बेंगलुरु 32वें, वाराणसी 34वें और कोलकाता 38वें स्थान पर रहा। कोयला खनन क्षेत्र से घिरे धनबाद का राज्य में सबसे आगे रहना स्थानीय निकाय के लिए उल्लेखनीय परिणाम माना जा रहा है।
हालांकि उपलब्ध वार्षिक आंकड़ों में पीएम-10 की मात्रा में उतार-चढ़ाव भी दिखाई देता है। यह मात्रा 2023-24 में 144 और 2024-25 में 171 दर्ज की गई। ऐसे में बेहतर सर्वेक्षण रैंकिंग के साथ वायु गुणवत्ता सुधार के उपायों को लगातार जारी रखना और प्रदूषण के स्तर की नियमित निगरानी करना महत्वपूर्ण रहेगा।