हजारीबाग में गांधी जयंती पर विचार गोष्ठी, अहिंसा और समावेशी विकास पर मंथन

अमृत नगर में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने हिंसा, पर्यावरण संकट, असमानता और विकास के संदर्भ में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा की।

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हजारीबाग के अमृत नगर में गांधी जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित लोग

हजारीबाग के अमृत नगर स्थित नवभारत जागृति केंद्र में गांधी जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के विचारों, अहिंसा, सामाजिक समानता और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। आयोजन हजारीबाग जिला लोक समिति और जागृति सोशियो इकोनोमिक एम्पावरमेंट सर्विसेज, रांची के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता और जेपी आंदोलनकारी स्वरूपचंद जैन ने की। उन्होंने गांधी को विश्व स्तर पर सम्मानित व्यक्तित्व बताते हुए अस्पृश्यता और सांप्रदायिकता के विरुद्ध उनके अहिंसक अभियानों का उल्लेख किया। कार्यक्रम का केंद्र गांधी के विचारों को मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में समझना रहा।

नवभारत जागृति केंद्र के अध्यक्ष गिरिजा सतीश ने युद्ध, हिंसा, पर्यावरण संकट और असमानता के वर्तमान दौर में गांधीवादी चिंतन की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि अहिंसा को केवल ऐतिहासिक आंदोलन के रूप में नहीं, बल्कि आज की चुनौतियों से निपटने की दृष्टि से भी देखा जाना चाहिए।

पूर्व विधायक गौतम सागर राणा ने विकास के अधिकार को मौलिक अधिकारों में शामिल करने की बात कही। गोष्ठी में विकास और सामाजिक न्याय के संबंध पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने गांधी जयंती को उनके जीवन और योगदान को याद करने के साथ समाज से जुड़े प्रश्नों पर संवाद का अवसर बताया।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश लोक समिति के अध्यक्ष सतीश गिरिजा के नेतृत्व में गांधी का प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ सामूहिक रूप से गाया गया। आयोजन में शंकर राणा, गंधर्व गौरव, आनंद अभिनव, सुधीर उपाध्याय और प्रकाश रंजन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विचार-विमर्श और सामूहिक भजन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।