हजारीबाग में यूपीआई के जरिये होने वाले डिजिटल लेनदेन पर संभावित शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने सोमवार को एक दिवसीय धरना दिया। मालवीय मार्ग स्थित विनोद स्टोर के सामने आयोजित प्रदर्शन में फेडरेशन ऑफ हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी और स्थानीय व्यवसायी शामिल हुए। उनकी प्रमुख मांग यूपीआई भुगतान को शुल्कमुक्त बनाए रखने की थी।
चैंबर अध्यक्ष शंभूनाथ अग्रवाल के अनुसार, यूपीआई अब छोटे दुकानदारों, बड़े कारोबारियों और ग्राहकों के रोजमर्रा के लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि इस व्यवस्था पर शुल्क लगने से व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
प्रदर्शन में शामिल कारोबारियों का कहना था कि बिना नकदी के त्वरित भुगतान की सुविधा ने बाजार में लेनदेन को सरल बनाया है। उनके मुताबिक, किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क लागू होने पर डिजिटल भुगतान को अपनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और छोटे व्यवसायों की संचालन लागत बढ़ सकती है।
चैंबर सचिव राकेश ठाकुर ने कहा कि यूपीआई ने कारोबारी भुगतान को आसान और पारदर्शी बनाने में भूमिका निभाई है। व्यापारियों ने सरकार से संभावित शुल्क व्यवस्था लागू नहीं करने तथा मौजूदा सरल और शुल्कमुक्त स्वरूप को जारी रखने की मांग की।
धरने में सहसचिव तारिक अहमद राजा, संयुक्त सचिव नीरज अग्रवाल और उपाध्यक्ष सुबोध अग्रवाल समेत चैंबर के कई सदस्य मौजूद रहे। वरिष्ठ सदस्यों और अन्य स्थानीय व्यवसायियों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर संगठन की मांग का समर्थन किया।
चैंबर ने फिलहाल यूपीआई शुल्क से जुड़ी संभावना के विरोध में अपनी आपत्ति सार्वजनिक रूप से दर्ज कराई है। प्रदर्शन के दौरान किसी लागू शुल्क दर या प्रभावी होने की तारीख की जानकारी नहीं दी गई। व्यापारियों ने अपना पक्ष रखते हुए डिजिटल लेनदेन को पहले की तरह सुलभ बनाए रखने पर जोर दिया।