हजारीबाग जिले में सरकारी ठेका कार्य करने वाले 300 से अधिक संवेदकों की पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की सुरक्षा जमा राशि लंबित है। संवेदकों का कहना है कि काम पूरा होने के तीन से पांच वर्ष बाद भी उन्हें यह रकम नहीं मिली। अब वे बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और दीपावली से पहले राशि मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
यह राशि भवन प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, पथ निर्माण, कल्याण, जल संसाधन, लघु सिंचाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, जलपथ प्रमंडल और भवन निर्माण निगम समेत कई विभागों एवं कार्य एजेंसियों में लंबित बताई गई है। ठेके के बिल का भुगतान करते समय पांच से दस प्रतिशत रकम सुरक्षा जमा के रूप में काटी जाती है।
निर्धारित अवधि पूरी होने और काम सही पाए जाने के बाद यह जमा राशि संवेदक को लौटाई जानी होती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, काम पूरा होने के छह महीने के भीतर सुरक्षा जमा का 50 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान है। सड़क निर्माण के लिए रखरखाव की समय-सीमा तीन वर्ष और भवन निर्माण के लिए एक वर्ष बताई गई है।
जिला परिषद और ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक के दर्जनों कार्यों की रकम फंसी होने की बात सामने आई है। अलग-अलग मामलों में एक संवेदक की लंबित राशि दो लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक बताई गई है। संवेदकों का आरोप है कि भुगतान के समय फंड, ऑडिट, माप पुस्तिका तथा अभियंताओं की रिपोर्ट लंबित होने जैसे कारण बताए जाते हैं।
ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, रखरखाव अवधि पूरी होने के बाद नियमानुसार सुरक्षा जमा लौटाई जानी है। हालांकि, कुछ मामलों में संवेदकों ने रखरखाव का काम नहीं किया, कुछ सड़कों की स्थिति खराब है और कुछ प्रकरणों में ऑडिट आपत्ति भी दर्ज है।
कार्यपालक अभियंता ने बताया कि विभाग ने संबंधित मामलों की सूची तैयार कर आवंटन की मांग की है। जिन कार्यों की दोष दायित्व अवधि पूरी हो चुकी है, उनकी सुरक्षा जमा राशि का एकमुश्त भुगतान किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल संवेदकों को विभागीय प्रक्रिया और आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने का इंतजार है।