धनबाद स्थित आईआईटी-आईएसएम के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अजय मंडल को एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी के शोध क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। प्रकाशित विवरण के अनुसार, 2026 की टॉप 1000 स्कॉलर रैंकिंग में उन्हें विश्व स्तर पर छठा और भारत में पहला स्थान दिया गया है।
एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी ऐसी तकनीकों से जुड़ा क्षेत्र है, जिनके जरिये पारंपरिक उत्पादन के बाद भूमिगत भंडार में बचा तेल निकालने का प्रयास किया जाता है। उपलब्ध तेल भंडार का अधिक प्रभावी उपयोग करने के कारण पेट्रोलियम उद्योग में इस विषय का विशेष महत्व है। प्रो. मंडल का शोध इसी क्षेत्र पर केंद्रित है।
रैंकिंग से संबंधित सत्यापित प्रमाणपत्र में प्रो. मंडल का लाइफटाइम इम्पैक्ट स्कोर 99.78, डी-इंडेक्स 63 और एच-इंडेक्स 72 दर्ज होने की जानकारी दी गई है। स्कॉलर जीपीएस के मूल्यांकन में उन्हें जीवनकाल के शोध प्रभाव के आधार पर दुनिया के शीर्ष 0.05 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल बताया गया है।
प्रो. मंडल को जून 2026 में ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री ने चार्टर्ड केमिस्ट का दर्जा भी दिया था। नई रैंकिंग आईआईटी-आईएसएम धनबाद में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग और ऊर्जा संसाधनों से संबंधित अनुसंधान की वैश्विक उपस्थिति को रेखांकित करती है।
इसी दौरान एनआईटी जमशेदपुर के आठ संकाय सदस्यों को भी विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिलने की जानकारी सामने आई है। यह मूल्यांकन स्कोपस के शोध आंकड़ों तथा उद्धरण, एच-इंडेक्स, शोध उत्पादकता और सह-लेखन जैसे मानकों पर आधारित बताया गया है। सूची में संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग, रसायन विज्ञान, गणित, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागों के शिक्षक शामिल हैं।
दोनों तकनीकी संस्थानों के शोधकर्ताओं को मिली यह पहचान झारखंड के उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर हो रहे काम को सामने लाती है। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने चयनित शिक्षकों को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व और विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के लिए नवाचार की प्रेरणा बताया है।