एसआईआर ड्यूटी में तैनात शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति स्थल पर ही दर्ज होगी दैनिक हाजिरी

एसआईआर कार्य में लगाए गए शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति से छूट मिलेगी, लेकिन प्रतिनियुक्ति स्थल के रजिस्टर में रोज हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।

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एसआईआर ड्यूटी में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर

रांची में एसआईआर कार्य के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब उन्हें हर दिन अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर करना होगा। एसआईआर की संबंधित अवधि में इन शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने से छूट रहेगी, लेकिन स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

प्रतिनियुक्ति स्थल के रजिस्टर में दर्ज विवरण के आधार पर शिक्षकों की मासिक उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को भेजी जानी है। यह निर्देश उन शिकायतों के बाद दिया गया है, जिनमें एसआईआर कार्य के नाम पर कुछ शिक्षकों के विद्यालयों से दूर रहने की बात कही गई थी।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने इस विषय में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार को पत्र लिखा था। इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को संबंधित निर्देश जारी किया। प्रतिनियुक्त शिक्षकों का जरूरत के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि एसआईआर कार्य में केवल उतने ही शिक्षकों को लगाया जाए, जितने की वास्तव में आवश्यकता है। जिन शिक्षकों की फिलहाल जरूरत नहीं है, उनकी प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें उनके मूल विद्यालय में वापस भेजने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य चुनाव संबंधी काम के साथ विद्यालयों की पढ़ाई को भी व्यवस्थित रखना है।

सभी जिलों को एसआईआर के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की विधानसभा क्षेत्रवार सूची मुख्य निर्वाचन कार्यालय को भेजनी होगी। सूची जमा करने की समयसीमा 16 सितंबर शाम पांच बजे तय की गई है। नई उपस्थिति व्यवस्था एसआईआर-2026 की संबंधित अवधि तक ही प्रभावी रहेगी।

निर्देश में भविष्य की चुनावी ड्यूटी को लेकर भी व्यवस्था बताई गई है। जहां संभव हो, शिक्षकों को विद्यालय के निर्धारित समय के बाद निर्वाचन कार्य में लगाने को कहा गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। राज्य के प्राथमिक से प्लस टू विद्यालयों में करीब 1.12 लाख शिक्षक कार्यरत हैं और इनमें से 30 से 35 प्रतिशत शिक्षकों के एसआईआर कार्य में लगाए जाने की बात बताई गई है।