कोडरमा थर्मल पावर प्लांट की एक यूनिट में खराबी आने के बाद धनबाद में बिजली संकट बढ़ गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इसका असर डीवीसी के कमांड क्षेत्र में आने वाले बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, चतरा और रामगढ़ में भी पड़ा है। प्लांट की समस्या के कारण बिजली कटौती 50 प्रतिशत तक पहुंचने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले छह सौ मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही थी। यूनिट में खराबी के बाद आपूर्ति प्रभावित हुई और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली नहीं मिलने लगी। धनबाद शहर के कई क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक कटौती होने की जानकारी सामने आई है।
बिजली की कमी का सीधा असर जलापूर्ति पर भी पड़ रहा है। सरायढेला, मेमको, बारामुड़ी और सुगियाडीह समेत कई इलाकों में घंटों बिजली नहीं रहने से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलमीनारों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जलमीनारें पूरी क्षमता से नहीं भरने के कारण विभिन्न मोहल्लों में आपूर्ति बाधित हो रही है।
भेलाटांड़ क्षेत्र में लोगों को चार से पांच दिन में एक बार पानी मिलने की स्थिति बताई गई है, जबकि जलमीनार करीब आधा किलोमीटर दूर है। धनसार क्षेत्र में भी ऐसी ही परेशानी की सूचना है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाने से स्थानीय लोगों की मुश्किल बढ़ी है।
बारिश के दौरान तकनीकी खराबियां भी बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा रही हैं। बड़ी खराबी होने पर नौ से दस घंटे और छोटी खराबी में चार से पांच घंटे तक बिजली बाधित रहने की बात रिपोर्ट में कही गई है। फ्यूज उड़ने से एक फेज की आपूर्ति बंद होने और रखरखाव के दौरान भी कई घंटे कटौती होने की शिकायत सामने आई है।
उपभोक्ताओं की एक प्रमुख परेशानी कटौती की पूर्व सूचना नहीं मिलना भी है। खराबी की जानकारी देने के बाद आपूर्ति बहाल होने में समय लगने से बिजली के साथ दैनिक जल जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। प्लांट की यूनिट में खराबी दूर होने और वितरण व्यवस्था सामान्य होने तक धनबाद तथा आसपास के डीवीसी क्षेत्रों में आपूर्ति पर दबाव बने रहने की आशंका है।