रांची में राज्य सरकार महिला किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से महिला किसान खुशहाली योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित योजना में महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर बाजार से जोड़ने पर जोर है।
शुरुआती चरण में झारखंड के प्रत्येक जिले से 70 महिला किसानों को चिह्नित करने की बात कही गई है। इस हिसाब से सभी 24 जिलों की कुल 1,680 महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। चयनित महिलाओं को अगले पांच वर्षों में समेकित खेती अपनाने वाली मॉडल किसान के रूप में विकसित करने की योजना है।
समेकित खेती के तहत फसल उत्पादन के साथ कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य महिला किसानों के लिए आमदनी के एक से अधिक साधन तैयार करना है। उनके उत्पादों को ऑफलाइन और ऑनलाइन विपणन मंचों से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि बाजार और खरीदारों तक उनकी पहुंच बेहतर हो सके।
योजना का अंतिम प्रारूप तैयार करने से पहले विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव लिए गए हैं। रांची में तीन सितंबर को आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्रों और गैर सरकारी संगठनों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यशाला से मिले सुझावों को अंतिम प्रारूप में शामिल करने की बात कही गई है।
प्रस्ताव में आदिवासी, पिछड़े और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की महिला किसानों को प्राथमिकता देने की बात भी सामने आई है। हालांकि अभी विस्तृत पात्रता, जिलेवार चयन की प्रक्रिया और आवेदन का तरीका तय नहीं हुआ है। प्रशिक्षण तथा उपलब्ध कराए जाने वाले संसाधनों का पूरा विवरण भी घोषित किया जाना बाकी है।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अनुसार योजना के लिए बजट प्रावधान किया गया है और सरकार आधुनिक तकनीक, बेहतर खेती के मॉडल तथा बाजार उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था विकसित करना चाहती है। प्रत्येक लाभार्थी को सीधे कितनी राशि मिलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इन बिंदुओं पर स्थिति योजना का अंतिम प्रारूप जारी होने के बाद साफ होगी।